डॉक्टर मैडम की मदद

लेडी डॉक्टर सेक्स कहानी एक महिला डॉक्टर की चूत चुदाई की है. उसने मेरी पिछली कहानी पढ़कर मुझे अपने घर बुलाया और चोदकर बच्चा देने को कहा.

नमस्कार दोस्तो, मैं दक्ष मल्होत्रा अपनी पिछली कहानी से ही जुड़ी हुई एक नयी कहानी लेकर आपके सामने आया हूँ.

मेरी पिछली कहानी
नि:संतान भाभी के साथ सुहागरात मनाई
में आप लोगों ने पढ़ा कि कैसे एक भाभी ने बच्चे की प्राप्ति के लिए मेरे साथ संबंध बनाए।

अब आगे लेडी डॉक्टर सेक्स कहानी:

उस कहानी को पढ़ने के बाद काफी लोगों ने मुझे मेल किए और मेरी सराहना भी की.
कई लोगों ने मुझे उस पर अपने सुझाव दिए.
मैं कोशिश करूंगा कि उन सुझावों पर गौर करके कहानी को और भी बेहतर तरीके से आपके सामने प्रस्तुत कर सकूं।

मेरी पिछली कहानी निसंतान भाभी के बच्चे की चाहत के बाद मुझे एक महिला ने संपर्क किया मेरे जीमेल अकाउंट पर!
जब मैंने वह मैसेज देखा तो उनसे बातचीत की.

बातचीत करने पर पता चला कि वह महिला पेशे से एक डॉक्टर है और उनके पति भी डॉक्टर है।

मैंने उनसे संपर्क का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें मेरी कहानी अच्छी लगी इसीलिए उन्होंने मुझसे संपर्क किया.
इसके लिए मैंने उन्हें धन्यवाद कहा और मैं अपने काम में लग गया.

अगले दिन दोबारा जब मैं अपना जीमेल अकाउंट चेक कर रहा था तो वहां पर उनकी चैट देखी जिसमें उन्होंने मुझे हेलो किया था.

ऐसे ही कुछ दिन हमारी बात चलती रही और हम काफी अच्छे दोस्त बन गए.

बातों बातों में उन्होंने मुझे एक दिन बताया कि आज उनका जन्मदिन है तो मैं उनके फ्लैट पर उनके लिए केक लेकर पहुंच गया शाम को!

इस तरह मुझे अचानक देख कर वो अचंभित भी थी और खुश भी!

चूंकि मुझे पहले से पता था कि उनके पति दुबई गए हुए हैं तो कोई दिक्कत थी नहीं!

उन्होंने केक काटने के बाद मुझसे गिफ्ट मांगा तो मैंने उनसे कहा कि मैं गिफ्ट तो लाया ही नहीं जल्दी में!
मैडम- कोई नहीं तुम आज 24 घंटे मेरे साथ रो और मेरी बात मानो वही मेरा गिफ्ट है।

चूंकि मेरे मन में ऐसा कुछ था नहीं तो मैंने भी हां कर दी।

शाम को हम पब गए, वहां हम ने खूब डांस किया, फिर वापस थक कर घर आ गए.
वो नहाने चली गई।

जब वो वापस आई नहा कर तौलिया लपेटे हुए तो कयामत लग रही थी.

उसके बाद मैं भी नहाने चला गया।

इसके बाद हमने खाना खाया और बात करने लगे.

तो उन्होंने मुझे गिफ्ट वाली बात याद दिलाई और कहा कि मैं उनको मना नहीं करूँगा.

मैंने कहा- अगर मेरे बजट में होगा तो दे पाऊंगा।

मेरे इतना कहते ही मैडम बोली- मुझे तुमसे सुहागरात चाहिए. तुमने वादा किया है कि मना नहीं करोगे. मुझे बच्चा चाहिए. 8 साल हो गए शादी को और बेबी हो नहीं रहा. पति से छुपाकर मैंने उनका टेस्ट करवाया तो कमी उनमें थी जबकि मैं माँ बन सकती हूँ. मैं पिछले 4 साल से मैं ससुराल नहीं गई क्यूंकि सब ताने मारते हैं. तुम्हारी कहानी पढ़कर मुझे उम्मीद दिखी है. मना मत करना तुम मुझे! मैंने बहुत हिम्मत करके तुमसे बात की है।

मैं- ये मैं कैसे कर सकता हूँ? वो उस दिन उन भाभी के साथ कैसे सब हुआ … आज तक समझ नहीं आया, वो ही मेरा पहला था अब तक!

मैडम- मुझे पता है. मुझे भरोसा है तुम पर … इसीलिए तुमसे कह रही हूँ कि मेरी मदद कर दो।
इतना कहते ही मैडम मुझे किस करने लगी, बड़ी मुश्किल से उन्हें हटाया मैंने।

इसके बाद मैडम ने अपने पूरे कपड़े उतार दिए और बोली- क्या कमी है मुझमें जो तुम मुझे इग्नोर कर रहा हो, जब मैं तैयार हूं तो तेरी क्यों फट रही है भोसड़ी के!
और ना जाने क्या क्या कहा।

इतना सुनने के बाद मैं उन पर टूट पड़ा और उनके निप्पल को मुंह मे लेकर चूसने लगा.
उनके मुंह से आह … आह … पी जाओ … निचोड़ लो जैसे शब्द निकलने लगे.

धीरे धीरे मैं उनकी पेट से नाभि पर आ गया और चूसने लगा.
इससे वो मचल उठी और कहने लगी कि उनकी पेशाब निकल जायेगी ऐसे तो!

लेकिन मैं तो अब काबू में ही नहीं था, मैंने उनको अपना लंड चूसने को कहा तो वो मना करने लगी.
मैं बोला- क्यों … फट गई अब तेरी?

मैंने 69 पोजीशन में आकर उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी, जिससे वो तड़पने लगी.

मैडम- अरे ये क्या कर दिया … आग लगा दी तूने, आह बहुत मजा आ रहा है!
और मैडम ने मेरा लंड मुंह में लिया और लंड चूस चूस कर मुझे मजा देने लगी.

5 मिनट मुश्किल से लगे होंगे और डॉक्टर मैडम की चूत बह गई मेरे मुंह में!
और 2 मिनट बाद मैं भी उनके मुंह में ही छूट गया.

मैडम- अब मुझे चोद दो, अब ये आग नहीं रुकेगी.

उन्होंने मेरा लंड चूस चूस कर दोबारा खड़ा किया.
मैंने उनकी चूत पर लन्ड लगाकर एक धक्का दिया तो आधा लन्ड अंदर चला गया.
उनको कुछ दर्द हुआ लेकिन जैसे ही मैंने फिर झटका दिया तो उनके मुंह से चीख निकल गई।

कुछ देर रुकने के बाद मैं लगातार धक्के लगाता रहा और वो ‘आह … जान … ओह … मजा आ रहा है!’ जैसे शब्द बड़बड़ाती रही. डॉक्टर सेक्स का मजा लेती रही.

नतीजतन मैडम 2 बार झड़ चुकी थी 15 मिनट में!
और अब उन्हें बहुत दर्द हो रहा था.

चूंकि मैं अभी भी झड़ा नहीं था तो लगातार धक्के लगा रहा था उनकी चूत में!
और वो मुझे रुकने को कह रही थी- रुक जा साले … मैं भागी नहीं जा रही हूँ … क्या आज ही मेरी चूत का कुआं बनाएगा?

15 मिनट बाद जब मैं झड़ने को हुआ तो उनको बताया कि मैं जाने वाला हूँ.
वो बोली- वाह मेरे शेर … अपना बीज बो दे मेरी कोख में … मुझे माँ बना दे! मैं अपने पति से 2 दिन बाद चुदवा लूंगी और तेरे बच्चे को उनके नाम से पालूंगी।

और इसी के साथ मैंने अपनी पिचकारी छोड़ दी और थक कर उन पर गिर गया।

डॉक्टर मैडम- आज तक मेरे पति ने भी मेरी चूत चोद कर इतना खुश नहीं किया जितना तुमने कर दिया. आज मुझे असली चुदाई का सुख मिला है।

एक थका देने वाले कार्यक्रम के बाद हम दोनों को नींद आ गई और हम दोनों सो गए.

कुछ समय बाद मेरी नींद खुली, मैं पहले जगा तो उनको नंगी सोती हुई देख कर मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था.
उनके चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे.
वे मुझे एकदम काम की देवी लग रही थी.

इसके बाद मैंने उनको किस किया और उनके निप्पल को चूसने लगा, धीरे-धीरे नाभि को चूसने लगा.
इससे उनकी नींद खुल गई.

जैसे ही उनकी नींद खुली, मुझे ज्यादा एक्साइटिड सा फील होने लगा.
और डॉक्टर मैम आह आह … की आवाज निकालने लगी.

फिर मैं उनकी चूत को चाटने लगा, जिससे वे बिना पानी के मछली की तरह तड़पने लगी और मुझ से छूटने की कोशिश कर रही थी.

लेकिन धीरे-धीरे उनको मजा आ रहा था और उन्होंने मेरा सर अपनी चूत में दबाना शुरू कर दिया.
धीरे-धीरे मैं भी अपनी जीभ को लंबी करते हुए उनके अंदर तक उसके दाने को छेड़ रहा था.
जिससे वे धीरे-धीरे चरम पर पहुंच गई और झड़ने लगी.

मैं उसके सारा रस पी गया.

अब वे बोली- बहुत मजा आ रहा है, अंदर डालो ना!

फिर से मैंने उनकी चूत को चाटना शुरु किया और उनके दाने को छेड़ने लगा.
और वे और उत्तेजित होने लगी और मुझे गालियां बकने लगी- चोद दे जल्दी से भोसड़ी के मुझे … जल्दी कर … मेरी चूत में आग लगी है. छक्का है क्या जो अब तक नहीं चोद पा रहा है. अब मत तड़पा … मैं मर जाऊंगी, मुझे अपनी रखैल बना ले!

लेकिन मेरे दिमाग में तो कुछ और था, मैंने बेड से उसके दोनों हाथ और दोनों पैर बांध दिए अलग-अलग छोर पर!

अब मैं उनकी चूत के दाने को सहला रहा था. कभी चूचियों को पी रहा था, कभी नाभि में जीभ डाल रहा था.
जिससे वो एकदम विचलित हो गई थी और मस्त गिड़गिड़ा कर लंड मांग रही थी.

अब मैं जाकर फ्रीज से बर्फ ले आया और वो उसकी चूत के दाने पर लगाकर सहलाने लगा.
जिससे वो और भी उत्तेजित हो गई.

मैंने भी लोहा पूरा गर्म देखकर उनकी चूत में लन्ड डाल दिया और हचक हचक कर डॉक्टर मैम को चोदने लगा.
उनके मुंह से आह … चोद मेरी जान … ऐसे ही चोद … फाड़ दे इसे आज! आज से से ये तेरी रखैल है, जब चाहे चोद लेना। आआआ आह आ गईईई!

और वो झड़ गई.
लेकिन मैंने उनको उल्टा लिटाकर उनकी गांड में लन्ड डाल दिया.

चूंकि वो इसके लिए तैयार नहीं थी तो उनको असहनीय पीड़ा हुई लेकिन मैंने समय पर उनका मुंह दबा दिया और उनकी आवाज़ गले में ही दब कर रह गई.
जब तक वो सम्भली पाती, तब तक दूसरा धक्का दे दिया मैंने!

और मैम की गांड फट गई.

अब मैं उन्हें किस करने लगा.

जब वो थोड़ी शिथिल हुई तो उनको चोदने लगा और वो भी चुदाई मजा लेने लगी और कहने लगी- एक ही चीज थी जो सील पैक थी, तुमने उसकी सील तोड़ दी है.

तब मैम ने कहा- और आज से मैं पूरी तुम्हारी हो गई.

20 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद जैसे ही मैं झड़ने को हुआ तो वो बोली- गांड में नहीं, मेरी चूत में झड़ना!

कुछ 15 धक्कों के बाद मैं उनकी चूत में ही झड़ गया.

काफी देर तक मैम मेरे लंड का रस अपनी चूत में सोखती रही.

डॉक्टर सेक्स के बाद में जब उठने लगी तो अब उससे चला भी नहीं जा रहा था.
अब मैं उनको लेकर बाथरूम गया और उनकी गांड साफ़ की, फिर गर्म पानी से सिकाई की.

यह थी मेरी सच्ची लेडी डॉक्टर सेक्स कहानी!
आपको कैसी लगी? मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.
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