साले की बीवी बन गई मेरी बीवी- 4

वाइफ ऐस ऐनल सेक्स का मजा मैंने अपनी नयी बीवी की गांड मार कर लिया. मैं उसकी कसी चूत का मजा ले चुका था। मैंने उसे गांड मरवाने के लिए कैसे तैयार किया?

नमस्कार दोस्तो, मैं कोमल मिश्रा इस कहानी के अंतिम भाग के साथ आई हूं।
कहानी में आपने रवि कुमार की वैवाहिक जिंदगी के तीन भागों को पढ़ा जिसमें उसके साले की बीवी अब उसकी बीवी थी और उनकी पहली चुदाई हो चुकी थी।
अब आगे की कहानी आप रवि कुमार के शब्दों में पढ़ेंगे।

दोस्तो, मैं रवि कुमार अपनी कहानी के अंतिम भाग में आप सभी का स्वागत करता हूं।

कहानी के पिछले भाग
दूसरी बीवी को चुदाई का पूरा सुख दिया
में आप लोगों ने पढ़ा था कि कैसे मेरे साले की बीवी को अब मेरी पत्नी बन चुकी थी, सोनम और मेरे बीच पहली चुदाई हुई और हम दोनों के बीच चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया।

अब आगे कहानी में आप पढ़िये कि किस तरह से हम दोनों के बीच आगे की चुदाई हुई और कैसे मैंने सोनम की गांड को भी चोद दिया जो अभी तक कुँवारी थी। वाइफ ऐस ऐनल सेक्स का मजा लिया मैंने!

सोनम की चूत बुरी तरह झड़ चुकी थी और हम दोनों कुछ देर लेटकर आराम करने लगे।
हम दोनों ही बुरी तरह थक चुके थे।

मैंने भी ऐसी चुदाई लम्बे समय के बाद की थी।

उधर सोनम के अस्थि पिंजर भी इस चुदाई से हिल गए थे क्योंकि उसने अपने पति यानि कि मेरे साले का 4 इंच का लंड ही लिया था।
7 इंच लंबे और 3 इंच मोटे लंड का जोर उसे पहली बार पता चला था।

उसको आज पता चला होगा कि असली चुदाई कैसी होती है क्योंकि आजतक तो मेरे साले ने काम चलाऊ चुदाई ही की थी।

मेरे बड़े लंड से चुदने के बाद सोनम बिल्कुल निढाल होकर लेटी हुई थी।
उसके बिल्कुल बगल में मैं भी लेटा हुआ था और उसके गोरे बदन को देखते हुए अपने बदन के साथ उसे मिला रहा था।

हम दोनों के जिस्मों में बड़ा अंतर था।
जहाँ मेरे बदन का रंग हल्का काला और बालों से भरा हुआ था, वहीं सोनम का बदन बिल्कुल गोरा और चिकना था।

कुछ समय बाद मेरे अंदर का चोदू इंसान फिर से जाग उठा।
अब मेरी फिर से सोनम को चोदने की इच्छा होने लगी।

मैंने आहिस्ता से सोनम का हाथ अपने हाथ में लिया और सोनम मुझे देखने लगी और उसके चेहरे पर एक हल्की सी शर्म भरी मुस्कान आ गई।
सोनम को अपनी तरफ खींचकर मैंने अपने ऊपर लिटा लिया और अपनी बांहों में जकड़ लिया।

उसके बाद हम दोनों ही बिस्तर पर पलटते हुए एक दूसरे से लिपटते रहे, कभी मैं उसके ऊपर और कभी वो मेरे ऊपर।

इस तरह से हम दोनों एक दूसरे की बांहों में लिपटे हुए आलिंगन करते रहे।

अब सोनम की शर्म काफी हद तक निकल चुकी थी क्योंकि हम दोनों ने ही एक दूसरे के सभी अंग देख लिए थे।
मैंने सोनम को फिर से बिस्तर पर लिटा दिया और उसके दोनों दूधों को मसलने और चूमने लगा।

आह-आह की आवाज के साथ सोनम फिर से गर्म होना शुरू हो गई।

ऐसे ही करते हुए मैं उसकी चूत तक जा पहुँचा और एक बार फिर से उसकी छोटी सी गुलाबी चूत मेरे मुँह में थी।
मैंने उसकी चूत को अपने मुँह में भर लिया था और अपनी जीभ से चाटते हुए उसकी चूत का रसपान करता रहा।

उसकी चूत का स्वाद इतना मस्त था कि मेरा उसको चाटने से मन नहीं भर रहा था।
चूतरस की खुशबू में खोया हुआ सा मैं जैसे उसकी चूत को चबा चबाकर खाने के लिए उतारू हो चुका था।

मेरी जीभ और दांत दोनों ही मेरे इन प्रयासों में मेरा भरपूर साथ दे रहे थे।
दांतों की मीठी चुभन से सोनम एकदम से सिसकार कर कमर मोड़ते हुए दोहरी हुई जाती थी।

कभी कभी मेरे सिर को चूत में घुसाने को पूरा जोर लगा देती थी।
लग रहा था जैसे उसके छेद से ज्वालामुखी फूटकर निकलने वाला है।

औरत की हवस जब जागती है तो वह अच्छे-अच्छे मर्दों के पसीने निकाल देती है।
सोनम की पहली मस्त चुदाई में उसको शायद वो आनंद मिल गया था जिसकी उसे अब दोबारा से प्यास थी।

कुछ ही देर में वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और मैं भी उसे दोबारा चोदने के लिए पूरी तरह से तैयार था।

मैंने चोदने के मकसद से अब उसकी दोनों टांगों को फैलाया जिससे उसकी गुलाबी चूत मुँह खोलकर मेरे सामने आ गई।
मैं सोनम के ऊपर लेट गया और अपना लंड उसकी चूत में लगाया।

जैसे ही मैंने अपना सुपारा उसकी चूत पर रखा, गर्म लंड के स्पर्श से सोनम की आह्ह निकल गई।

इस बार मैंने थोड़ा जोर देकर धक्का दिया और जैसे ही लंड चूत में घुसा सोनम की मीठी सी आवाज निकली- ऊईई … आह्ह!
दो धक्कों में ही मेरा लंड पूरी तरह से चूत में सेट हो गया और मैंने अपनी बांहों में सोनम को जकड़ लिया।

अब मैंने शुरू से ही तेज धक्के देना शुरू कर दिया जो कि सोनम को बर्दाश्त नहीं हो रहा था और वो जोर जोर से चिल्लाये जा रही थी- आह आह … आराम से आह … प्लीज आराम से करो … आहाह!

मैं दनादन उसे चोदे जा रहा था।
कमरा फच फच की आवाज से गूंज रहा था।

अब मेरे लंड में मुझे दोगुना जोश महसूस हो रहा था क्योंकि अब सोनम को ज्यादा तकलीफ होने का डर खत्म हो गया और मैं पूरी ताकत लगाकर उसको पेल रहा था।

कुछ देर ऐसे ही सोनम को लेटा कर उसकी चुदाई करने के बाद मैं उसे अपने ऊपर ले आया।
सोनम भी अब जोश में आ गई थी और उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया और अपनी चूत में सेट करके उस पर बैठने लगी।
वैसे मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी कि वो एकदम से इतनी खुलकर मेरा साथ देगी और अपनी भी इच्छा पूरी करने में नहीं शर्माएगी।

जल्द ही उसने पूरा लंड अंदर ले लिया और हल्के-हल्के उछलने लगी।
मैं उसकी चूत को देख रहा था जिसमें मेरा लंड बहुत ही टाइट घुसा हुआ था।

सोनम उछल रही थी लेकिन उससे अच्छे से नहीं बन रहा था।
इसलिए मैंने उसे अपने सीने से चिपका लिया और उसके चूतड़ों को दोनों हाथों से थाम कर नीचे से धक्के लगाना शुरू कर दिया।

इस पोजीशन में मुझे इतना ज्यादा मजा आ रहा था और लग रहा था बस ऐसे ही मैं सोनम को चोदता रहूं।
लगभग 10 मिनट तक बिना रुके मैं सोनम को ऐसे ही चोदता रहा।

इसके बाद मैंने उसे बिस्तर पर ही घोड़ी बना दिया और उसकी गांड की तरफ से अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया।
अब मैंने उसके चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से थामते हुए कस कर पकड़ लिया और उसे पूरी रफ्तार से चोदने लगा।

मेरे धक्कों के साथ उसकी गांड में हिलते हुए तेज-तेज लहरें उठने लगीं।
उसकी लहराती गांड देख मेरी रफ्तार और तेज होती जा रही थी।

जल्द ही सोनम झड़ गई लेकिन मैं अभी भी उसे चोद रहा था।
उसकी चूत का पानी टप-टप करता हुआ बिस्तर पर टपक रहा था।

कुछ देर बाद मैंने लंड बाहर निकाला और कपड़े से उसकी चूत और अपने लंड को साफ किया।
उसके बाद मैंने उसे बिस्तर से बाहर लाते हुए जमीन पर खड़ी कर दिया और उसके सामने खड़े होकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।
एक हाथ से उसके चूतड़ों को थामे और दूसरे हाथ से उसकी पीठ को जकड़े हुए मैं धक्के लगाने लगा।

मैं झुककर उसके मुलायम होंठों को भी चूमता जा रहा था।
आज उसकी खूबसूरती को देख ऐसा लग रहा था कि उसे खा जाऊं।

हम दोनों एक दूसरे की आखों में देखे जा रहे थे और मैं दनादन लंड डालता जा रहा था।
उसके चेहरे पर कुछ दर्द भी था और कुछ मजा भी!

अपने एक हाथ से उसकी गदराई हुई पीठ को सहला रहा था।
करीब 15 मिनट तक ऐसे ही खड़े होकर मैं उसे चोदता रहा और फिर उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया।

हम दोनों ही पसीने से पूरी तरह भीगे हुए बिस्तर पर लेट गए।
चूत चुदाई के दूसरे राउंड के बाद हम और भी ज्यादा थक गए थे।

लेकिन कहते हैं कि मनपसंद खाना बहुत दिनों बाद मिले तो पेट भर जाता है लेकिन नीयत नहीं भरती।
सोनम जैसी कमसिन लड़की की चुदाई का मजा मुझे इतने सालों के बाद मिला था।
उसे चोदकर मैं थक जरूर गया था लेकिन मन अभी भी नहीं भरा था।
मैं आज ही उसके अंग अंग को पूरी तरह से भोग लेना चाहता था।

कुछ देर के बाद मैंने फिर से सोनम की चूत को सहलाना शुरू कर दिया।
वो भी बहुत थकी हुई थी लेकिन शायद शर्म के मारे उसने कुछ कहा नहीं।

मैंने उसकी चूचियों को पीना शुरू किया और धीरे धीरे उसकी चूत में उंगली करने लगा।

दस मिनट लगे सोनम को एक बार फिर से गर्म होने में!

अब मैं उसकी गांड चोदना चाह रहा था।
उसने इसके लिए हामी नहीं भरी।

फिर मैंने एक दो बार और कहा तो उसने कहा- आप देख लीजिए, मुझे बहुत डर लग रहा है।
मैंने कहा- चिंता मत करो, कुछ नहीं होगा।

फिर उसने हां में मुंडी हिलाई तो मैंने तुरंत तेल की बोतल उठा ली और अपने लंड पर तेल चुपड़ लिया।

अब मैंने सोनम को बेड पर पेट के बल लेटा लिया और उसकी गांड की फाड़ों को दोनों हाथों से हटाते हुए उसकी गांड के छेद पर तेल लगा दिया।

सोनम की गांड का छेद बहुत ही छोटा सा था, उसे देखकर लग रहा था कि ये लंड को गांड में लेते ही बेहोश हो जाएगी।

इसलिए पहले मैंने उसकी गांड को अच्छी तरह से तैयार करने का सोचा।
मैंने उंगली पर तेल लिया और उसके ऊपर लेटकर चूतड़ों पर हाथ ले जाकर गांड के छेद को सहलाने लगा।
पहले सोनम असहज हो रही थी।

फिर धीरे धीरे उसकी पीठ को चूमते हुए मैंने उसे मजा देना शुरू किया; साथ में उसकी चूत पर उंगलियों से सहलाता रहा।
इससे सोनम ने गांड के छेद को ढीला छोड़ना शुरू कर दिया।
अब मेरे सहलाने से उसको मजा आ रहा था।

एक समय ऐसा आया कि उसने खुद ही कह- अब डाल लो उंगली।
मैंने उसकी गांड में उंगली डाल दी।

पहले पहल वो उचक सी गई लेकिन मेरी उंगली अंदर जा चुकी थी।
धीरे धीरे मैं उंगली को छेद में अंदर बाहर करने लगा।

कुछ ही देर में सोनम को उंगली करवाने में मजा आने लगा।

मैंने दस मिनट के लगभग उसकी गांड में उंगली से चोदा।
इतने में उसकी गांड का छेद खुल गया था।
फिर मैंने उसकी गांड चोदने की तैयारी कर दी क्योंकि उंगली से मैं काफी तेल अंदर सरका चुका था।

गांड का छेद अंदर से पूरी तरह से चिकना हो चुका था।
अब मैंने उसकी गांड के छेद पर अपना तेल से सना सुपारा टिका दिया और उसके ऊपर लेटकर पीठ और गर्दन पर किस करने लगा।

लंड का टोपा गांड के छेद पर घात लगाए सटा था कि जैसे ही छेद थोड़ा मुंह खोले वो उसके अंदर जा घुसे।
मेरी बीवी पहली बार गांड चुदाई करवाने जा रही थी इसलिए उसका पहला अनुभव मैं भयावह नहीं बनाना चाहता था।
मैंने टोपे का जोर गांड के छेद पर लगाना शुरू किया।

मगर जैसे ही मैं थोड़ा सा अंदर उसे धकेलता, वो उचक जाती थी।

इसके लिए मैंने दूसरा तरीका निकाला।
मैं हल्के हल्के धक्के लगाते हुए उसके जिस्म से जिस्म को रगड़ने लगा।

ऐसा करने से धीरे धीरे टोपे से गांड के छेद की मसाज होना शुरू हो गई।
सोनम को अच्छा लगने लगा जिसका पता मुझे उसकी गांड को ऊपर उठाने की कोशिश से लग गया।

अब उसकी गांड का छेद ढीला पड़ता हुआ महसूस हुआ।
मैंने इन पलों को पूरा फायदा उठाया और उसकी छाती के नीचे हाथ ले जाकर दोनों चूचियों को बड़े प्यार से भींचने लगा और उसकी गर्दन पर किस करने लगा।

इससे सोनम की गांड का छेद खुलता चला गया और एक वक्त आया जब लंड का टोपा फिसलते हुए गांड के छेद में प्रवेश कर गया।
गर्मागर्म लंड को जैसे स्वर्ग सा आनंद मिल गया।

गांड अंदर से बेहद टाइट और गर्म थी।
मैंने उसके बदन पर हिलना जारी रखा और जोर थोड़ा बढ़ा दिया।

लंड मेरी वाइफ की ऐस के अंदर जगह बनाने लगा और सोनम को दर्द होने लगा.
मगर मैंने ज्यादा जल्दबाजी नहीं की और आधा लंड धीरे धीरे उसकी गांड में उतार दिया।

अब मैंने उसकी चुदाई शुरू कर दी।
कुछ देर वो असहज रही लेकिन फिर साथ देने लगी।

जब उसको चुदाई में मजा आने लगा तो मैंने स्पीड बढ़ा दी।
लंड के धक्के अब तेजी से लगने लगे।

मैंने अब सोनम को घोड़ी बना लिया और उसकी गांड को अच्छे से पेलने लगा।
वाइफ एनल सेक्स में अब सोनम की दर्द भरी सिसकारियां निकलने लगीं- आह्ह … आईईई … आह्ह … ईईई … ऊऊ ऊह्हह … धीरे से करिए ना … आईई।

मुझे गांड चोदने में इतना मजा आ रहा था कि मैं उसकी बात पर ध्यान नहीं दे पा रहा था, बस उसको चोदे चला जा रहा था।
गांड बहुत टाइट थी तो मेरा माल भी जल्दी ही ऊपर आ गया।

लगभग 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरा माल उसकी गांड में निकल गया और हम दोनों फिर से निढाल होकर लेट गए।
अबकी बार दोनों को ही नींद आ गई।

लेकिन कुछ घंटे बाद मेरी नींद खुली तो मैंने नंगी सोनम से खुद को चिपका लिया।

इससे उसकी भी नींद खुल गई और एक बार फिर से चुदाई का खेल चालू हो गया।

ऐसे ही मैं सोनम को गर्म करता रहा और रात भर में 5 बार उसे चोदा।

सुबह 8 बजे हम दोनों की नींद खुली और सुबह भी एक बार हम दोनों ने चुदाई की।

उस दिन से अब ये रोज़ का काम हो गया। सोनम भी अब मेरे साथ ही सोने लगी।

सोनम जिस तरह की सेक्सी और गर्म लड़की है उसे मेरे जैसे ही चोदू आदमी की ज़रूरत थी।

अब हम दोनों रोज़ ऐसे ही चुदाई का मजा लेते हैं।
आज हमारी शादी को 4 साल हो गए हैं और पहले सोनम की जो छोटी सी चूत थी, उसे मैंने भोसड़ा बना दिया है।
लेकिन अभी भी सोनम मुझे पूरा मजा देती है और जैसे ही मैं उसे नंगी करता हूं उसके बदन का गोरापन देख मेरा लंड अपने आप खड़ा हो जाता है।

दोस्तो, उम्मीद करता हूँ कि मेरी जिंदगी की ये कहानी आपको पसंद आई होगी।
साथ ही मैं कोमल जी का भी धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने मेरी कहानी को अन्तर्वासना पर भेजने में मेरी मदद की।
धन्यवाद।

तो दोस्तो, मैं कोमल मिश्रा आपके लिए रवि कुमार की ये कामुक कहानी लेकर आई थी।
वाइफ ऐस ऐनल सेक्स कहानी पढ़ने में आपको कितना मजा आया ये अपने मैसेज और कमेंट्स में जरूर मुझे बताएं।
आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार करूंगी।
[email protected]

Check Also

पति पत्नी की चुदास और बड़े लंड का साथ- 2

थ्रीसम डर्टी सेक्स का मजा मैंने, मेरी पत्नी ने एक किन्नर किस्म के आदमी या …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *