साले की बीवी बन गई मेरी बीवी- 3

मेरी दूसरी सुहागरात मेरी न्यू वाइफ के साथ कैसी रही. साले की बीवी अब मेरी बीवी थी और आज उसकी पहली चुदाई थी। आप मजा लें इस गर्म कहानी का.

नमस्कार दोस्तो, मैं कोमल मिश्रा आपका फिर से स्वागत करती हूं अपने पाठक रवि कुमार की कहानी में!
कहानी का यह तीसरा भाग है जिसमें आगे की दास्तान आप रवि कुमार के शब्दों में ही सुनेंगें।

दोस्तो, मैं रवि कुमार अपनी जिंदगी की कहानी में आप सभी पाठक बंधुओं का स्वागत करता हूँ।
अभी तक कहानी के पिछले भाग
साले की विधवा से मेरी शादी
में आप लोगों ने पढ़ा कि किस तरह से मेरी जिंदगी में अहम बदलाव आए और मेरी शादी मेरे साले की बीवी सोनम के साथ हो गई।
शादी के बाद आज पहली बार मैं अपनी न्यू वाइफ सोनम की चुदाई करने जा रहा था। आज मेरी दूसरी सुहागरात थी.

सोनम मुझसे उम्र में बहुत छोटी थी और शुरुआत से ही मैं सोनम पर फिदा था।
वो एक बेहद ही खूबसूरत लड़की थी।
उसकी खूबसूरती के कारण ही हमेशा से ही मेरे दिल में उसे नंगी देखने का सपना था और मेरा वो सपना आज पूरा हो रहा था।
तो दोस्तो, चलते हैं कहानी में आगे की तरफ और जानते हैं कि मेरी और सोनम की पहली चुदाई कैसी रही।

अभी तक मैं सोनम के और अपने सारे कपड़े निकाल चुका था और हम दोनों ही केवल चड्डी में थे।
मैं सोनम के गोरे-गोरे दूध देखकर इतना ज्यादा जोश में आ चुका था कि बस दूध को और निप्पलों को चूसता जा रहा था और साथ में उसकी चिकनी चिकनी जांघों को अपने हाथों से सहलाते हुए मसल रहा था।

मेरे इस तरह करने से न्यू वाइफ सोनम बुरी तरह से मचल रही थी और उसकी आह्ह … आह्ह की सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थीं।

उस वक्त मैं पूरी तरह से उसके यौवन को भोग रहा था और मेरा लंड बुरी तरह से फनफना गया था।
लेकिन मैं इतनी जल्दी सोनम को नहीं चोदने वाला था क्योंकि अभी तो मैं उसे और ज्यादा उत्तेजित करते हुए तड़पाना चाहता था ताकि वो मेरे लंड को अपने अंदर डलवाने के लिए तड़प उठे।

वैसे भी सोनम बेहद ही गर्म बदन की लड़की थी और उसे एक तगड़ा चोदने वाला ही खुश कर सकता था।

काफी देर तक मैं उसके दूधों को मसलता रहा और चूसता रहा।
जब सोनम से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने सिसकारी लेते हुए कहा- आह्ह … छोड़िए … जल रहा है सब कुछ!

मैंने भी उसके दूधों को देखा जो कि बुरी तरह से लाल हो गए थे और मेरे मसलने के निशान उसके दूधों के ऊपर आ गए थे।

अब मैं उसके सीने से हटते हुए और उसे चूमते हुए नीचे की तरफ आने लगा, कमर और पेट को चूमते हुए मैं उसकी छोटी सी नाभि के पास आकर अपनी जीभ उसकी नाभि पर चलाने लगा।

मेरे जीभ चलाने से सोनम नागिन की तरह लहराने लगी और उसने दोनों हाथों से चादर को जकड़ लिया।

जल्द ही मैं उसकी जांघों तक पहुँच गया और एक जांघ को ऊपर उठाते हुए चूमने लगा।
मेरे हर एक चुम्बन के साथ सोनम की सिसकारी गूंज उठी।

उसकी चिकनी मखमली जांघ को चूमने में एक अलग ही मजा आ रहा था।
ऐसे ही मैं बारी बारी से उसकी दोनों जांघों को चूमता रहा और सोनम मचलती रही।
अब अंत में बारी आई उसे पूरी तरह से नंगी करने की, मतलब उसकी चड्डी को निकालने की।

मैं उसकी चूत के पहले दर्शन करने के लिए बेताब था क्योंकि मैं सोच रहा था कि जिस लड़की का बदन इतना ज्यादा गोरा है उसकी चूत किस रंग की होगी।

जैसे ही मैंने उसकी चड्डी की इलास्टिक को पकड़ा सोनम ने भी चड्डी को अपने हाथों से पकड़ लिया।
ये सब वो अपनी शर्म के कारण कर रही थी और मैं इस बात को समझ रहा था।

कुछ देर तक हम दोनों के बीच खींचातानी चलती रही.
और फिर मैंने उसके हाथ को अलग किया और धीरे धीरे उसकी चड्डी नीचे की ओर करने लगा।

जल्द ही उसकी खूबसूरत छोटी सी चूत मेरे सामने आ गई जो कि बिल्कुल गुलाबी रंग की थी।
उसकी चूत पर कोई बाल नहीं था जिसके कारण चूत बिल्कुल चिकनी थी।

ऐसा लगता था जैसे आज ही सोनम ने चूत के बाल साफ किये थे।
और ऐसा हो भी सकता था क्योंकि उसे भी समझ आ गया था कि आज हम दोनों अकेले रहने वाले हैं और हम दोनों के बीच कुछ हो सकता है।

सोनम पूरी तरह से अपनी आँखों को बंद किये हुए लेटी हुई थी और मैं उसके नंगे बदन को बड़े गौर से देख रहा था।

आज पहली बार मैंने सोनम को नंगी देखा था जो कि मेरा एक सपना था।
सच कहूँ तो दोस्तो, ऊपर वाले ने बड़ी फुर्सत से ही सोनम के जिस्म को तराशा होगा।

वो जितनी ज्यादा गोरी थी कि उसके बदन की बनावट और उसका खूबसूरत चेहरा उस हिसाब से बिल्कुल परफेक्ट थे।
32-26-36 का उसका फिगर किसी कयामत से कम नहीं था।

उस वक्त उसका वजन 40 से 45 किलो के आसपास रहा होगा।
मेरा वजन उस वक्त 77 किलो था। अब आप सोच सकते हैं कि सोनम मेरे सामने कितनी नाजुक थी।

कुछ देर उसके नंगे जिस्म को देखने के बाद मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाया और उसकी गुलाबी चूत पर अपना चेहरा झुका दिया।
उसकी चूत से बेहद उत्तेजित करने वाली गंध आ रही थी जिससे मैं और ज्यादा मदहोश हो गया।

उसकी चूत से टप टप करते हुए बूंद-बूंद कर गाढ़ा पानी बिस्तर पर गिर रहा था।

मैंने अपनी पूरी जीभ बाहर निकाली और नीचे से लेकर ऊपर तक उसकी चूत चाट ली।

मैं उसकी चूत का वो नमकीन पानी पी गया जिससे मेरे अंदर और ज्यादा जोश आ गया और वैसे ही मैं उसकी चूत चाटने लगा।

मेरे चूत चाटने से जैसे सोनम अपना आपा खो बैठी और अपने हाथ पैर बिस्तर पर पटकने लगी और जोर जोर से आह्ह … ऊह्ह … आह्ह … करने लगी।
उसे इतना ज्यादा मजा मिल रहा था कि वो उन पलों का पूरा आनंद ले रही थी।
कभी वो अपना सर तकिए पर पटकती, कभी अपने हाथ तो कभी अपने चूतड़ों को हवा में उठाकर बिस्तर पर पटकती।

वो ज्यादा देर तक मेरे चाटने को बर्दाश्त नहीं कर पाई।
जल्द ही उसकी छोटी सी चूत से एक तेज धार निकल पड़ी और वो झड़ गई।

लेकिन मैं उसकी चूत से निकलते हुए एक एक बूंद रस को चाटता रहा और उसकी दोनों जांघों को कसकर पकड़ लिया और उसकी चूत को चाटना जारी रखा।

जल्द ही एक बार फिर से सोनम गर्म हो गई थी लेकिन अभी भी मैं बिना रुके उसकी चूत चाटता जा रहा था।

कुछ देर बाद मैं भी बिल्कुल मदहोश हो गया और ऐसा लगा कि मैं भी झड़ जाऊँगा।
तब मैंने उसकी चूत को चाटना बंद कर दिया।

अब मैं उसकी चूत से हटकर उसके दोनों पैरों के बीच में बैठ गया।
सोनम तिरछी नजर से मुझे देख रही थी और जैसे ही मैंने अपनी चड्डी निकालना शुरू किया उसने अपनी आँखें फिर से बंद कर लीं।

मैंने अपनी चड्डी निकाल दी और मेरा मूसल जैसा मोटा काला लंड आजाद होकर बाहर आ गया।
अपने लंड को मैंने हाथ में लिया और आगे पीछे करते हुए सोनम के नंगे बदन को देखने लगा।

एक तरफ 23 साल की नाजुक सी हुस्न की परी नंगी लेटी हुई थी जिसकी छोटी सी गुलाबी चूत मेरा इंतजार कर रही थी।
और दूसरी तरफ था मैं जो कि 42 साल का हट्टा-कट्टा 77 किलो का मर्द जिसका काला मोटा लंड उस गुलाबी चूत में जाने के लिए बेकरार था।

मैंने सोनम की दोनों टाँगे फैलाईं और उसके ऊपर हो गया लेकिन अपना वजन उस पर नहीं डाला।
मैंने उसके चेहरे के करीब जाकर उसके खूबसूरत चेहरे को देखते हुए अपना लंड उसकी चूत पर लगाया।

मेरे लंड का स्पर्श पाकर सोनम के मुँह से सिई ईईईई … की आवाज निकली और वो अपने होंठों को दांतों तले दबाने लगी।

उसने अभी तक मेरा लंड देखा नहीं था क्योंकि उसने अपनी आँखें बंद की हुई थी।

मैंने अपने लंड को चूत पर ऊपर नीचे चलाया और फिर उसके छेद पर सेट कर दिया। मैंने सोनम के गालों को चूमते हुए लंड पर हल्का सा जोर दिया जिससे लंड का सुपारा चूत का मुंह खोलते हुए अंदर चला गया।

जैसे ही सुपारा अंदर गया, सोनम ने आँखें खोलीं।
उसने बड़ी बड़ी आँखों से मेरी तरफ देखा।

उसके चेहरे पर अलग ही भाव थे जैसे कि वो मुझसे सवाल कर रही हो कि ये आप क्या डाल रहे हैं मेरी चूत में!

मेरा लंड उसके लिए बहुत बड़ा और मोटा था क्योंकि अभी तक उसने 4 इंच के पतले लंड से ही चुदाई कारवाई थी।
वहीं मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था।

मेरी न्यू वाइफ समझ गई थी कि मेरा लंड उसकी चूत के हिसाब से बहुत बड़ा था और उसके चेहरे पर डर के भाव साफ साफ दिख रहे थे।

मैंने सोनम को अपने सीने से लगाया और चूत पर लंड से जोर देता चला गया।
मेरा लंड उसकी मुलायम चूत को फैलाता हुआ अंदर की तरफ घुसने लगा।
उसकी आवाजें निकलने लगीं- आईई … मम्मी … ईईई … आआआ …. आईईईई … आह।

जब तक मेरा लंड चूत में पूरी तरह से नहीं समा गया मैं रुका नहीं।
चूत के अंतिम छोर पर जाकर मेरा लंड रुक गया।
मैंने कोई जोर नहीं लगाया बस आराम से लंड पर जोर देता रहा था और लंड चूत के पानी में फिसलता हुआ अंदर घुस गया था।

लेकिन सोनम की हालत पतली हो गई थी।
उसका पूरा बदन पसीने से भीग चुका था और उसे काफी तकलीफ हो रही थी।
मैं उसकी तकलीफ समझ सकता था लेकिन मैंने लंड बाहर नहीं किया और उसके होंठ और गालों को चूमता रहा।

कुछ समय बाद मैंने हल्के हल्के लंड को अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।
लंड उसकी चूत में चोदने लगा तो सोनम आह्ह मम्मी … आआईई … आऊऊ … उफ्फ … आह्ह करने लगी।
वो मुझसे लिपटी हुई थी और मैं बड़े आराम से लंड को अंदर बाहर किये जा रहा था।

मैं बस उसकी चूत को थोड़ी चौड़ी कर रहा था ताकि जब मैं तेज रफ्तार से धक्के लगाऊं तो सोनम को ज्यादा तकलीफ न हो।

काफी देर तक मैं बिल्कुल धीरे-धीरे लंड को अंदर बाहर करता रहा।
जब मेरा लंड चूत के पानी में सराबोर हो गया और चूत में आसानी से जाने लगा तो मैंने सोनम के दोनों पैरों के घुटनों को मोड़ा और उसमें अपने हाथों को फंसा कर दोनों पैरों को फैला दिया और उसके ऊपर चढ़ गया।

उसके दोनों पैर हवा में थे और चूत ऊपर की ओर उठ गई थी।
अब मैं सोनम को तेजी से चोदने के लिए तैयार था।

लेकिन मैं जानता था कि सोनम मेरे लंड को झेल नहीं पाएगी और उसे अभी तकलीफ होंगी क्योंकि अभी सोनम की चूत उस तरह से नहीं खुली थी जैसी कि एक शादीशुदा औरत की खुलनी चाहिए, लेकिन मुझे ऐसी ही चूत चोदने में मजा आने वाला था।

अब मैंने धीरे-धीरे सोनम को चोदना शुरू कर दिया और अपनी रफ्तार तेज करता रहा।
जैसे जैसे मेरी रफ्तार तेज होती जा रही थी, सोनम का चिल्लाना भी तेज होता जा रहा था।
आईई … आह्ह … ओह्ह करते हुए सोनम जोर से चिल्ला रही थी।

मैं उसके चेहरे को देखते हुए उसके दर्द में भी मजे के साथ उसे चोदता जा रहा था।
उसकी चूत पानी से लबालब भर गई थी और चोदते समय फच-फच की आवाज निकलने लगी थी।

कुछ ही देर में मेरी रफ्तार इतनी तेज हो गई कि पूरा पलंग बुरी तरह से हिलने लगा।
मेरे जोरदार धक्के सोनम के पेट पर पड़ रहे थे और पूरा का पूरा लंड उसकी चूत की गहराई तक उतर रहा था।

उसको इतनी तकलीफ हो रही थी कि दर्द से उसका पूरा बदन लाल पड़ गया था।
वो मेरे जोरदार धक्कों को झेल नहीं पा रही थी और जल्द ही बोलने लगी- रुको … आह्ह … प्लीज रुको … नहीं … आईई … नहीं … आह।

मगर मैं उसकी एक बात नहीं सुनी और दनादन उसे चोदता रहा।
मुझे चोदते हुए 10 मिनट हो चुके थे और अब सोनम का दर्द कुछ कम हो गया था।

अब मैंने अपना लंड बाहर निकल लिया और सोनम को बिस्तर से बाहर ले आया।

अब मैंने उसे खड़ी कर दिया और उसकी एक टांग को उठाकर पलंग पर रख दिया और सामने से उसकी गर्म चूत में अपना फौलाद जैसा लंड पेल दिया।
उसने मुझे जोर से जकड़ लिया और मैंने दोनों हाथों से उसके चूतड़ों को थाम लिया और चुदाई शुरू कर दी।

इस पोजीशन में मेरा लंड और टाइट जा रहा था और सोनम ने मुझे जोर से जकड़ा हुआ था।

मैं उसकी गांड को थामे हुए जोर-जोर से उसे चोद रहा था।
जल्द ही मैंने उसके दोनों पैरों को अपने हाथ में फंसा लिया और उसे अपनी गोद में ले लिया।
सोनम ने मेरे गले में अपनी बांहें डालकर मुझे पकड़ा हुआ था।

अब मैं उसे अपनी गोद में उछाल उछालकर चोद रहा था।
मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी गांड को सहारा दिया हुआ था।

इस पोजीशन में मेरा खड़ा लंड उसकी चूत में घुस रहा था और सोनम ज़ोर ज़ोर से बोल रही थी- आईई … ऊईई … आह्ह कैसे कर रहे हो आप … आह्ह आउच! नीचे उतारिये, बहुत दुख रहा है।

कुछ देर बाद मैंने उसे नीचे उतारा और उसके पीछे आ गया।
सोनम के दोनों हाथ मैंने पलंग पर टिका दिए और उसके पीछे आकर उसकी गांड की तरफ से उसकी चूत में लंड डाल दिया।
जैसे ही लंड अंदर गया सोनम चिल्लाई- ऊईई मम्मी!

इस पोजीशन में भी मेरा लंड बेहद टाइट जा रहा था।
मैंने सोनम की कमर को जोर से पकड़ा और फट-फट की आवाज के साथ उसे तेजी से चोदने लगा।

मेरे धक्कों के कारण उसकी उभरी हुई गद्देदार गांड में मस्त लहर बन रही थी जिसे देखते हुए मुझे चोदने में और ज्यादा मजा आ रहा था।
मैं अपनी पूरी ताकत से सोनम को चोद रहा था।

अब मैं उसकी कमर से अपना हाथ हटा कर सामने की तरफ ले गया और सामने से उसकी चूत को सहारा देते हुए जोरदार चुदाई करने लगा।

मैं रुकने का नाम नहीं ले रहा था क्योंकि अब मुझे बेहद मजा आ रहा था।
सारे कमरे में फट-फट और फच-फच की आवाज गूंज रही थी।

जल्द ही सोनम का बदन अकड़ने लगा और वो झड़ने लगी।
वो इतनी बुरी तरह से झड़ रही थी कि सारा पानी नीचे फर्श पर गिर रहा था मानो जैसे वो पेशाब कर रही हो।

मैं उसके गर्म-गर्म पानी को अपने लंड पर महसूस कर रहा था लेकिन अब भी मैं उसे बिना रुके चोदे जा रहा था।

कुछ देर बाद मैं भी उसके गर्म पानी को सह नहीं सका और मैं भी उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया।

हम दोनों ही पसीने से नहा चुके थे और बिल्कुल निढाल होकर बिस्तर पर लेट गए।

आज दूसरी सुहागरात में मेरा सोनम को चोदने का सपना पूरा हो गया था लेकिन अब वो मेरी बीवी थी और मैं निश्चित रूप से कह सकता था कि सोनम ने इससे पहले कभी इतनी बुरी तरह चुदाई नहीं करवाई होगी।

लेकिन दोस्तो, अभी तो मैंने सोनम को पहली बार ही चोदा था अभी तो पूरी रात बाकी थी।
इसके बाद क्या हुआ और कैसे मैंने सोनम की कुँवारी गांड में अपना मोटा लंड पेल दिया, ये जानियेगा आप कहानी के अगले भाग में। जल्द ही आपसे अंतिम भाग में मुलाकात होगी।

तो दोस्तो, मैं कोमल मिश्रा आपके लिए इस कामुक सेक्स कहानी का ये भाग लेकर आई थी। कहानी का अंतिम भाग जल्द ही आपके सामने होगा। इस भाग पर अपनी प्रतिक्रियाएँ जरूर भेजें।
मेरा ईमेल आईडी है- [email protected]

दूसरी सुहागरात न्यू वाइफ के साथ कहने का अगला भाग: साले की बीवी बन गई मेरी बीवी- 4

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