मैंने दूसरे लंड से चुदने की इच्छा पूरी की

मेरे प्यारे दोस्तो, आप सभी को मेरा नमस्कार. मैं मनीषा दिल्ली से हूँ. मैंने पिछली कहानी
अपने पति की तमन्ना पूरी की
में आपको बताया कि कैसे मैंने अपने पति की इच्छा पूरी की.

अब मैं आपको अपने आगे का हाल बताने जा रही हूं. जब से मैं अपने पति के दोस्त से चुदी थी, तब से मेरा बहुत ज्यादा मन किसी दूसरे आदमी से चुदवाने का करने लगा था. पर सच तो यह था कि अपना हाल मैं किससे कहूं कि मुझे गैर मर्द की खुशबू लेनी है, मुझे उसका लौड़ा चूसना है. सच तो यह है कि मैं अंतर्वासना पर कहानी पढ़ पढ़ कर सेक्स की आदी हो गई हूं. जिस दिन मेरे हस्बैंड मेरे साथ सेक्स नहीं करते थे, उस दिन मुझे ऐसा लगता था कि कोई आए और मुझे खूब जोर से चूसे. पर मैं क्या करती. जब से मेरे हस्बैंड ने मुझे दूसरे आदमी से चुदने की लत लगाई है, तब से मैं बस चुदना चाह रही थी.

धीरे धीरे दिन बीतते गए. सेक्स की कसमसाहट के सिवाए मेरी शेष जिंदगी सामान्य चल रही थी. दूसरे लंड की चाहत में जब मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हुआ, तो मैंने नेट पर एक कॉलब्वॉय को सर्च किया. उससे उसकी पिक मंगवाई और उससे भी काफी बातें की. उसने मुझसे काफी चटपटी बातें कीं.
उसने बातों बातों में मुझसे कहा कि मैं आपकी प्राइवेसी सेफ रखूंगा और आपकी चूत का खूब पानी पियूंगा.
उस कॉलब्वॉय को मैंने काफी बड़ी कंपनी से हायर किया था, इसलिए मैं उस पर भरोसा कर सकती थी.

बस फिर क्या था, मैं उससे मिलने का मौका देखने लगी. एक दिन मेरे हस्बैंड बिजनेस के सिलसिले से कहीं बाहर चले गए और उन्होंने जाते वक्त मुझसे कहा कि मैं कल तक आ जाऊंगा.
मैं मन ही मन खुश होने लगी.

फिर कुछ समय बाद मेरे हस्बैंड चले गए और बस में उसके ख्यालों में खो गई, जो उसने मुझे अपनी और अपने खड़े लंड की पिक भेजी थी. उसका लंड मेरे हस्बैंड से काफी बड़ा था. मैं मन ही मन सोच कर खुश हो रही थी कि आज मुझे अपनी चूत में एक बहुत बड़ा लंड मिलने वाला है और वो भी किसी गैर मर्द का लंड से चूत की साइज़ बढ़वाने का मौका मिलेगा.

फिर मैंने उसे कॉल किया और उससे मिलने के लिए कहा. मैंने उसको एक होटल में बुलाया. मैं दिल्ली में रहती हूं इसलिए इधर इस तरह के होटल बड़ी आसानी से मिल जाते हैं, इस बात की मुझे खूब जानकारी थी. एक होटल मेरे घर से थोड़ी ही दूर था. मैंने उसे उसी होटल का एड्रेस दिया और वहां पर एक रूम बुक करने के लिए कहा. मैं करीब दस बजे रात को वहां पहुंच गई.

जब मैं वहां गई, तो वह रूम में पहले से था. मैं उसे देखकर सहम गई क्योंकि वह बहुत ही दिखने में हृष्ट पुष्ट था, जैसे पहलवान होते हैं. जैसा मैंने फोटो में देखा था, यह उससे थोड़ा अलग था. मुझे एकदम से ऐसा लगा कि आज तो मैं मर ही जाऊंगी.
पर मुझमें चुदने की ललक थी इसलिए मैं कमरे में चलती हुई अन्दर चली गई. मैं उसके बेड के पास जाकर रुक गई. मैंने साड़ी पहनी हुई थी. मुझे देखते ही उसकी आंखों में वहशीपन छा गया. उसने मुझे अपनी ओर खींच लिया और मेरे होंठों को पागलों की तरह चूसने लगा. मैं भी धीरे धीरे उसका साथ देने लगी.

फिर उसने मेरे कपड़े उतारे और मुझे पागलों की तरह खाने लगा. चूंकि मुझे दूसरे गैर मर्द की खुशबू की भूख थी इसलिए मैंने उसकी कमर को अपनी टांगों से अच्छे से जकड़ लिया. मैं चाहती थी कि ये मुझे आज जी भर कर चोदे.

उसने पहले खूब मेरे मम्मों को चूसा, मुझे ये बहुत अच्छा लगा. फिर वह किस करते करते ही मेरी चूत तक चला गया. चूत पर जीभ फिराते हुए वह मेरी गांड चाटने लगा. मुझे गांड चटवाना बहुत अच्छा लगता है.

मैं बेड पर औंधी पड़ी पड़ी कांप रही थी. मेरा मन ऐसा कर रहा था कि बस आज मैं इसकी हो जाऊं और इसे अपना सब कुछ दे दूँ. फिर मैंने उसको बेड पर सीधा अपने ऊपर गिरा लिया और अगले ही पल मैंने उठा कर उसके लंड को अपने मुँह में ले लिया. मैं जी भरकर उसके मोटे लंड को चूसना चाहती थी. इसलिए मैं उसे जी भर के चूसने लगी. वह आदमी तो मानो आनन्द के समंदर में डूबने लगा. एक बहुत ही खूबसूरत जिस्म वाली औरत उसे न केवल फ्री में मिल गई थी, बल्कि उसे उल्टे कुछ पैसे भी कमाने को मिलने वाले थे.

कुछ देर बाद उसने मुझे अपने ऊपर बैठा लिया और अपना गर्दभ आकार का लौड़ा मेरी चूत में पेल दिया. मैं उसकी बालों वाली छाती पर हाथ रख कर ऊपर नीचे होने लगी और चुदाई का आनन्द लेने लगी. मैं तो बस पागल सी हो जा रही थी. उसका लंड काफी बड़ा था जो मुझे और मेरी चूत दोनों को ही काफी संतुष्ट कर रहा था. वह मेरी कमर पर ऐसे हाथ फिरा रहा था जैसे मैं उसकी जागीर हूं.
पर मैं क्या कर सकती थी … कभी वो मेरे चेहरे पर अपने हाथ से हल्के से चांटा मारता, कभी मुझे जकड़ कर चूसने लगता. पर जो भी था, मुझे अच्छा लग रहा था.

दस मिनट बाद मुझे उसने घोड़ी बना लिया और मेरी कमर को पकड़ कर अपना 9 इंच लंबा लंड मेरी चूत में पेल दिया. मैं एकदम से तड़पने लगी, मुझे उसके मोटे लंड से काफी दर्द हो रहा था. पर मुझे अन्दर ही अन्दर अच्छा भी लग रहा था.

कुछ देर इसी पोजीशन में सेक्स करने के बाद मैं सीधी लेट गई. मैंने उसको अपने ऊपर खींच लिया और उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत के मुँह पर रख दिया. फिर उसने धीरे से एक धक्का लगाया और पूरा लंड मेरी चूत में चला गया. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि मैं किसी दूसरे आदमी से दूसरी बार ही चुद रही थी.

फिर हमने बहुत देर इसी पोजीशन में सेक्स किया. वह मेरे चेहरे को खाए जा रहा था. मेरे होंठों पर उसने हल्के से काट भी लिया था.
मैंने उसको मना भी किया तो वह बोला- बेबी मजा आने वाला है.
मैंने उससे कहा- हां, मुझे भी खूब मजा आ रहा है.

वो मेरे मम्मों को दबाने लगा. मुझे चूत में लंड लेते समय अपने मम्मों की चुसाई करवाना बहुत अच्छा लगता है. मैंने उसे अपने एक हाथ से चूचा पकड़ कर चूसने का इशारा किया तो उसने मुझे बैठा सा दिया और मेरी चूत में लंड पेलने के साथ ही मेरे ऊपर झुक कर मेरी चूचियों को पीने लगा.

मैंने उसे अपने हाथ से अपनी चूची पकड़ कर पिलाई, तो वो मस्ती से मेरे एक निप्पल को अपने होंठों के बीच दबा कर जोर जोर से खींचते हुए पीने लगा. मुझे एकदम से मस्ती चढ़ गई और मैं उसके सर को अपने हाथ से पकड़ कर अपना दूध पिलाने लगी.

थोड़ी देर बाद उसने मेरे दूध को पकड़ा तो मैंने भी अपने इस दूध के चूचुक को उसके मुँह में ठेल दिया और वो अपने होंठों से दबाता हुआ मेरे दूध को चूसने लगा. इस बीच मेरी गांड उठ कर उसके लंड को भी अपनी चूत की चाशनी चटा रही थी. वो भी अपने लंड से मेरी चूत में अन्दर तक चोट देता हुआ मुझे चोद रहा था.

चुदाई की गर्मी बढ़ी तो चुदाई की स्पीड तेज हो गई और दसेक मिनट की धकापेल चुदाई के बाद कुछ तेज शॉट्स के बाद उसने अपने लंड का सारा वीर्य मेरी चूत में छोड़ दिया. उसका पानी इतना ज्यादा निकला था कि मेरी चूत से निकल कर मेरी जांघ और मेरी गांड पर बह निकला. उसी वक्त मैं भी अपने हाथों से उसके कंधों को पकड़कर झड़ गई थी.

झड़ने के बाद वो मेरे ऊपर थक कर लेट गया. मैंने भी उसे अपनी बांहों में भर लिया, मैं जैसे उसका एहसान उतार रही थी.

यह दूसरी बार था, जब मैं किसी दूसरे व्यक्ति से झड़ी थी. सच में जिंदगी में इस तरह से चुदने में बहुत आनन्द आया था. रोज रोज एक जैसे लंड से चुदाई का अहसास अच्छा नहीं लगता, इसे बदलते रहना चाहिए. इसलिए मैंने अपने मन की तमन्ना पूरी कर ली.

यह कहानी बहुत छोटी है, पर यह सच है कि मैंने अपनी जिंदगी के सिर्फ दो सच आपको बताएं हैं. कुछ लोग मुझे ईमेल करते हैं और कहते हैं कि ऐसा इंडिया में नहीं होता है. मैं आप सब लोगों से कहना चाहती हूं कि 21वीं सदी में ऐसी कोई भी औरत नहीं है, जो किसी और से चुदना नहीं चाहती हो. पर कहीं पति उस पर या उसके चरित्र पर शक ना करने लगे, इसलिए वह मना करती रहती है. पर यह सच है हर किसी लड़की को कभी ना कभी, कहीं ना कहीं ऐसा लड़का मिलता है, जिसे देख कर वह चाहती है कि ये मुझे खूब चोदे.

अगर आप मेरी इस सच्ची कहानी से सहमत हैं, तो मुझे ईमेल जरूर करें. आपके सेक्सी सेक्सी इमेल पाकर मुझे बहुत अच्छा लगता है. मैं सबको जवाब देना चाहती हूँ, पर लेकिन इतनी ज्यादा ईमेल मिलती हैं कि मैं सबको एक साथ जवाब नहीं दे सकती, थोड़ा समय जरूर लगता है लेकिन मैं जबाव सभी को देती हूँ. कृपया मुझे ईमेल जरूर करें.
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