भाभी ने अपनी गर्म चुत की चुदाई करवा ली

दोस्तो, मेरा नाम जय है, मैं 6 फीट का गोरे रंग का लड़का हूँ। आज मैं आप सबको अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ, जो एक साल पहले उस वक्त की है, जब मैं छुट्टियों में दो महीने के लिए अपने भैया-भाभी के घर गया था।

मैं और भाभी अच्छे दोस्त की तरह रहते थे, मैं उनसे अपनी सारी बातें शेयर किया करता था और वो भी अपनी सारी बातें मुझसे शेयर किया करती थीं।
मेरी भाभी दिखने में बहुत ही खूबसूरत थीं, पर अब तक मेरे दिल में उनके लिए कोई बुरा ख्याल नहीं था।

जब मैं उनके घर गया.. तब वो घर पर अकेली ही थीं और अभी भैया काम पर गए हुए थे।
भाभी ने मुझे चाय पिलाई और हम दोनों बातें करने लगे।

भाभी ने मुझसे मेरी पढ़ाई के बारे में बातचीत की और फिर उन्होंने मुझसे मजाक करते हुए पूछा- कॉलेज में तुम्हारी कितनी गर्लफ्रेंड्स हैं?
तो मैंने भी कह दिया- दो हैं!
भाभी- अरे वाह.. तब तो खूब मजा करते होंगे?
मैं मुस्कुरा कर रह गया।

फिर भाभी ने मुझसे खुल कर पूछा- गर्लफ्रेंड्स के साथ सेक्स किया है कभी?
इस सवाल पर मैं तनिक चौंक सा गया.. मैंने कहा- नहीं भाभी.. सेक्स तो शादी के बाद होता है ना!

यह सुनकर भाभी थोड़ी उदास हो गईं और वहाँ से उठ के चली गईं। मैं भी उनके पीछे आ गया और मैंने उनकी उदासी का कारण पूछा।
भाभी मुझे कुछ नहीं बता रही थीं.. मैंने जोर दिया तब बहुत देर बाद उन्होंने मुझे बताया- आपको तो मालूम ही है कि मेरी शादी को दो साल हो चुके हैं.. पर आज तक तुम्हारे भैया कभी मुझे वो सुख नहीं दे पाए, जो एक पति अपने पत्नी को देता है।

इतना कह कर भाभी रोने लगीं, उनका दर्द देख कर पहले तो मेरे दिल में उनके लिए हमदर्दी उमड़ आई, फिर उनकी छलकती जवानी को देख कर उन्हें चोदने की चाहत जाग उठी।

मैंने उनका हाथ पकड़ कर कहा- भाभी.. क्या मैं आपकी कोई मदद कर सकता हूँ?
तब वो मुझे देखने लगीं और कहने लगीं- तुम मेरी मदद कैसे करोगे?
तब मैंने उनसे कहा- जो सुख आज तक भैया नहीं दे पाए.. वो मैं आपको दे सकता हूँ।

इस पर वो मुस्कुराईं और मैं समझ गया कि रास्ता साफ है, लेकिन तभी भैया आ गए और मामला यहीं रुक गया।
फिर हम सभी ने साथ में खाना खाया और टीवी देखने लगे।

भैया ऑफिस से थक के आए थे, इसलिए वो सो गए।

अब मैं और भाभी हॉल में बैठ कर मूवी देख रहे थे, भाभी मेरी बगल में बैठी थीं, मुझे थोड़ी शरारत सूझी और मैंने उनकी जाँघ पर अपना हाथ रख दिया, उन्होंने कुछ नहीं कहा, तो मैं उनकी जाँघ सहलाने लगा।
उन्होंने कहा- बड़ी शरारत सूझ रही है तुमको?
इतना बोल कर वो मुस्कुराने लगीं।

उनके मुँह से ये सुनकर मुझसे रहा नहीं गया.. और मैंने उन्हें किस करने की कोशिश करने लगा।
उन्होंने मुझसे दूर होते हुए कहा- रूको यार.. पहले देखने दो कि तुम्हारे भैया सो गए है या नहीं!
वो उठ कर भैया को देखने चली गईं।

मैं भी उनके पीछे-पीछे चला गया, कमरे में भाभी ने देखा तो भैया सो रहे थे, वो किचन की तरफ आ गईं। मैंने वहीं उनकी गांड में उंगली कर दी और उन्हें दीवार के सहारे टिका कर उन्हें किस करने लगा और उनके मम्मों को दबाने लगा।

वो गरम सिसकारियां भरने लगीं, ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ चुदास के चलते भाभी मेरे लंड पे हाथ रख के सहलाने लगीं।

फिर मैं उन्हें गोद में उठा कर सीढ़ियों पर ले गया और उन्हें सीढ़ी पर बिठा कर उनकी साड़ी ऊपर को कर दी। उन्होंने ब्लैक कलर की पेंटी पहनी हुई थी। यह देख कर मैं उनकी पेंटी के ऊपर से ही उनकी चुत को सहलाने लगा, साथ में उनको किस भी कर रहा था।

भाभी चुदासी तो थीं ही.. मेरे हाथ लगाने से वो बहुत गर्म हो गईं, उनके मुँह से ‘उउउंम्म.. अहह.. हाय..’ की आवाजें निकलने लगीं।
मैंने उनकी पेंटी को खींच कर उतार दिया और उनकी गुलाबी चुत को देखने लगा।

भाभी- क्या देख रहे हो!
मैं- जन्नत देख रहा हूँ भाभी..
इस पर मुस्कुराते हुए भाभी ने अपनी टांगें उठा कर मेरे कन्धों पर रख दीं और अपनी चुत को मेरे मुँह के पास कर दी, भाभी ने कहा- इसे प्यार करो..

भाभी की बात सुनकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनकी गर्म गुलाबी चुत पर अपनी जीभ लगा दी।
उफफफ्फ़.. कितना मजा आ रहा था, भाभी का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा और वो सिसकारियां लेने लगीं ‘आअहह.. आहह.. उउउम्म..’
अब भाभी एकदम से गरम होकर अपनी चुत को मेरे मुँह पे दबाने लगीं।

कुछ देर तक भाभी की चुत चाटने के बाद मैंने अपने और भाभी के सारे कपड़े उतार दिए। भाभी ने मेरा लंड हाथ में लेकर कहा- वाह मेरे राजा.. कितना अच्छा है तुम्हारा!
मैंने कहा- क्या अच्छा है मेरा?
भाभी आँख दबा कर बोलीं- तुम्हारा लंड..!
फिर भाभी शर्मा कर मुझसे लिपट गईं और मैं उन्हें किस करने लगा।

थोड़ी देर बाद भाभी मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं। आहह.. मैं बता नहीं सकता कितना मजा आ रहा था ‘ऊहह भाभी.. तुम कितनी अच्छी हो.. और चूसो..!’
भाभी के होंठों से लंड चुसाई से मेरा लंड मानो लोहे सा कड़क हो गया था।

फिर भाभी ने कहा- अब और मत तड़पाओ जय.. पेल दो अपना लंड.. और मेरी प्यास बुझा दो।
पर मैं थोड़ा मस्ती के मूड में था, मैंने भाभी को सीढ़ियों पर लेटा सा करके उनकी चुत पर अपना लंड रख दिया और उनकी चुत के ऊपर ही लंड को घिसने लगा।

भाभी बहुत तड़प रही थीं ‘उउउम्म.. जय.. मत तड़पाओ.. अब अपनी भाभी को आहह..’

पर मैं नहीं माना और मैं उनकी चुत पर अपना लंड घिसता रहा।

थोड़ी देर बाद भाभी से रहा नहीं गया और वो बोलीं- प्लीज़ जे.. अब पेल दो.. अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा है यार.. मैं मर जाऊँगी.. आहह अब और मत तड़पा इस चुत को ठोक दे!

अब मुझसे भी रहा नहीं गया और मैंने उनकी चुत पर लंड रख कर हल्का सा धक्का दिया.. पर लंड अन्दर नहीं गया, बगल में फिसल गया।
भाभी की ‘आहह..’ निकल गई।

मैंने फ़िर लंड को सैट किया और उन्हें किस करते हुए ज़ोर से झटका लगा दिया। इस बार लंड का सुपारा अन्दर चला गया और भाभी की चीख निकल गई, पर मैंने उनके मुँह को अपने मुँह में दबाकर उनकी चीख नहीं निकलने दी, मैं धीरे-धीरे लंड अन्दर-बाहर करने लगा।

थोड़ी देर बाद भाभी भी मेरा साथ देने लगी और अपने चूतड़ उछाल कर मेरा साथ देने लगीं ‘ओह आहह.. और ज़ोर से मेरे राजा.. अहह उउम्म्म.. आज से मैं तुम्हारी बीवी हूँ जानू.. अहह..’
भाभी की बातें सुनकर मैं ओर जोश में आ गया और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी।

भाभी कामुकता से भरी हुई ‘आआअहह.. उउउहह..’ की आवाजें निकालते हुए थोड़ी ही देर में झड़ गईं और मुझसे लिपट कर मुझे किस करने लगी।

मैं उन्हें अब भी ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था। थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ने वाला था, तब मैंने भाभी से पूछा- कहाँ निकालूँ?
तो उन्होंने कहा- चुत में ही निकाल दो जे.. मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ.. आहह उउम्म्म्म..

मैं भाभी की चुत में ही झड़ गया।

फिर हम दोनों आपस में लिपट के एक-दूसरे को किस करने लगे, थोड़ी देर बाद हम अलग हुए और एक-दूसरे को ‘आई लव यू..’ कह कर सोने चले गए।

दोस्तो, मुझे आंटी और भाभी की साथ सेक्स करने में.. और उनकी चुत चाटने में बहुत मजा आता है।
मेरी भाभी के साथ ये चुत चुदाई की सेक्स स्टोरी आपको कैसी लगी.. मुझे मेल कीजिए।
[email protected] आप खुलकर अपनी बातें मुझसे शेयर कर सकती हैं, मुझे आपके मेल्स का इंतज़ार रहेगा।
आपका अपना जय

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