पड़ोसन लड़की बनी गर्लफ्रेंड

फर्स्ट सेक्स इन लाइफ का मजा मैंने कुंवारी लड़की के साथ लिया. वह शुरू से मेरे साथ पढ़ती थी. कॉलेज में हम मिले तो मैंने उससे दोस्ती करके प्रोपोज कर दिया.

मेरा नाम सुजय आनन्द है.
मैं बिहार का रहने वाला हूं।
मेरा रंग सांवला है, हाइट 5’6″ है.

यह फर्स्ट सेक्स इन लाइफ की कहानी तब की है जब मैं B sc के पहले साल में पढ़ता था.
मैंने कॉलेज में दाखिला लिया।

कॉलेज का पहला दिन था, मैंने अपनी पड़ोस की एक लड़की को देखा और देखते ही पहचान गया.
और वह भी मुझे पहचान गई क्योंकि बचपन में हम दोनों साथ पढ़ाई करते थे।

फिर हमारा साथ में ही कॉलेज आना जाना शुरू हो गया।
बचपन में वह मेरे साथ ही पढ़ती थी।
फिर 8वीं में वह अपनी नानी के यहां चली गई थी।

मैं उसे लगभग 3 साल के बाद देख रहा था।
मैंने अपना परिचय दिया
वह भी मुझे झट से पहचान गई।

बचपन में सिंपल सी दिखने वाली लड़की कॉलेज में पटाका माल लग रही थी.

फिर क्या था … हमारी बातचीत होने लगी.
समय के साथ हमारी दोस्ती भी हो गई.
घर से कॉलेज जाना साथ में ही शुरू हो गया।

दो तीन महीने बाद मैं कुछ अलग फील करने लगा था।
मैंने मौका देख कर उसे प्रपोज कर दिया।
फिर उसने एक्सेप्ट भी कर लिया.

तब भी मेरे मन में सेक्स का कोई विचार नहीं था।

परंतु एक दिन ऐसा हुआ कि सब कुछ बदल गया.

एक दिन वह घर में अकेली थी, उसके माता पिता दोनों ही घर से बाहर गए हुए थे.
उस दिन उसने मुझे कॉल करके घर पर आने को कहा.
चूंकि उसका घर मेरे घर के पास ही था, मैं उसके घर पर चला गया.

पहले तो हम दोनों ने साथ में पढ़ाई की, फिर आपस में बात होने लगी.

हम दोनों आपस में बहुत फ्रैंक थे, मैं उसके पास बैठ कर बात करने लगा.

अचानक मुझे कुछ हुआ, मैंने जानबूझ कर उसके चूची पर हाथ रख दिया.
उसने मना नहीं किया.

मुझे भी उसका मुलायम दूध बहुत अच्छा लगा.

फिर हम दोनों एक दूसरे को देखते रहे.
जल्द ही एक दूसरे को किस करने लगे.

मेरा लन्ड बहुत टाईट हो गया था.
एक दूसरे को किस करते करते हम दोनों कब नंगे हो गए, पता ही नहीं चला.

मैंने फिर दोबारा से शुरुआत की.
पहले मैंने उसके लिप पर किस कि
या, फिर गले पर चूमा।
फिर मैंने उसके दोनों दूध को पिया, फिर उसके नाभि पर चूमा.

वह बस आ आ आह की आवाज निकाल रही थी।

फिर मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा!
क्या मस्त चूत थी उसकी!
हल्की हल्की झांटें एकदम कुंवारी चूत!

शायद किस करते टाइम वह एक बार झर भी चुकी थी।

इसी बीच वह मेरे लन्ड पर हाथ रख कर हिलाने लगी.

मेरा लन्ड उफन रहा था.
मैंने उसे चूसने को कहा.
उसने एक बार भी मना नहीं किया, मस्त होकर वह मेरा लौड़ा चूसने लगी.
कभी वह उसके टोपे पर किस करती तो कभी पूरा लौरा को मुंह में ले लेती.

मैंने 4-5 मिनट में उसके मुंह में ही अपना सारा वीर्य गिरा दिया.
उसने चूस चाट कर सब साफ़ कर दिया.

उसने मेरा लौड़ा हाथ से हिला कर पुनः खड़ा कर दिया.
फिर वह बिस्तर पर लेट गई।

उसके बाद मैं मिशनरी पोजीशन में उसके ऊपर आ गया और अपने लन्ड को उसकी बुर में घुसाने लगा।

हम दोनों का पहली बार था.

उसकी बुर बहुत टाइट थी.
उसने अपनी चूत पर अपना थूक लगाया, थोड़ा सा थूक मेरे लौड़े पर भी लगाया.

उसके बाद मैंने जोर से धक्का लगाया तो मेरा लौड़ा आधा उसकी बुर में घुस गया.
वह रोने लगी और कहने लगी- निकाल … बहुत दर्द हो रहा है!

मैं कहाँ सुनने वाला था!
मैंने एक और शॉट मारा.
मेरा पूरा लौड़ा उसकी चूत के अंदर!

कुछ देर मैं उसके ऊपर ऐसे ही पड़ा रहा.
जब उसका दर्द कम हुआ तो वह गांड उठा कर मेरा साथ देने लगी.

मैं जोर जोर से उसे चोदने लगा.

5 से 7 मिनट चुदाने के बाद वह बोली- कुछ और तरीके से करते हैं!

हम लोगों ने साथ में कई बार गंदी वीडियो देखे थे। वह मुझे उनकी ही याद दिला रही थी।

फिर मैंने उसे पलटने को कहा।
वह बिस्तर पर गांड ऊपर करके पलट गई।

मैं उसे डॉगी स्टाइल में चोदना चाहता था, मैंने उसकी बुर में पीछे से अपना लौड़ा डाल दिया।

उसे मैं ऐसे चोदने लगा।
वह भी अपनी गांड हिला कर मेरा साथ दे रही थी।
उसकी मादक आवाज मुझे पागल कर रही थी।

मैं जोर जोर से उसे चोदने लगा।

इसी बीच मैंने अपनी एक उंगली उसकी गांड में डाल दी।
वह चिल्ला उठी- आह!
उसे भी बहुत मजा आ रहा था।

इसी बीच मैं झड़ने वाला था, मैंने उसे बताया।
वह बोली- अंदर ही डाल दो!

मैंने उसकी चूत के अंदर ही अपना सारा माल डाल दिया।

जब मैंने अपना लौड़ा निकाला तो उस पर खून लगा हुआ था।
मुझे खुशी हुई कि मेरे लौड़े और उसकी चूत की सील एक साथ टूटी थी।

फिर हम दोनों ने एक दूसरे को गले लगाया।
गले लगाते समय मैंने उसकी गांड को टच किया।

मैंने सोचा कि क्यों न इसकी गांड मारी जाए!

पहले तो उसने मना किया।
उसने कहा= जब तुमने एक उंगली उसमें डाली तो इतना दर्द हुआ। अपना लन्ड डालोगे तो कितना दर्द होगा!

मैंने बहुत जिद की तो वह मान गई।

इस रूठने मनाने में मेरा लौड़ा भी तन कर खड़ा हो गया।

फिर मैंने उसकी गांड पर थूक लगाया और घुसाने लगा।

शायद पहली बार होने के कारण मैं उसकी गांड को नहीं चोद पाया।

फिर मैंने उसके चूत को चोदने में ही अपनी भलाई समझी।

मैंने उसकी चूत में ही लंड डाल दिया।

कुछ देर डॉगी स्टाइल में चोदने के बाद वह मेरे ऊपर आ गई।
मैं बेड पर लेट गया, वह मेरे लौड़े पर बैठ गई।
खुद ही वह काऊ गर्ल पोजीशन में लंड चूत में लेकर अंदर बाहर करने लगी।

जब वह मेरे लंड को अपने चूत से चोद रही थी तो उसने मुझे कहा- तुम मेरे चूची पर हाथ रखो! जब मैं तुम्हारे लौड़े में अपना चूत घुसाऊं तो मेरे चूची को दबाने लगना।

मैंने ठीक वैसा ही किया.
वह मेरे लौड़े पर अपना चूत ऊपर नीचे करने लगी, मैं उसके दूध को मसलने लगा.

ऐसे हम दोनों चुदाई करने लगे.
इस पोजीशन की खास बात यह थी कि उसकी चूत से जो भी पानी निकलता. वह मेरे लौड़े पर ही गिरता!

मैं इसी पोजिशन में चोदते चोदते झड़ गया; वह भी झड़ गई।

हम दोनों फर्स्ट सेक्स इन लाइफ से बहुत खुश थे।

उसके बाद मैं अपने कपड़े पहन कर अपने घर आ गया।

फिर उसे उसी दिन मेडिकल से दवाई लाकर दी कहीं वह गर्भवती न हो जाए.

उसके बाद हम दोनों को जब भी मौका मिला, हमने खूब चुदाई की।

फिर एक बार हमें और मौका मिला तो इस बार मैंने गांड भी मारी।

यह थी मेरी पहली चुदाई की दास्तान!
आशा करता हूं कि आप सभी सखा और सखी को मेरी पहली सच्ची घटना पर आधारित कहानी पसंद आई होगी।

फर्स्ट सेक्स इन लाइफ पर आप मुझे अपने सुझाव मेल कर सकते हैं।
तब तक के लिए बाय.
[email protected]

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