दिल्ली की लड़की को पुणे के होटल में चोदा

सेक्स विद हॉट गर्ल … 7 दिन मैं होटल में एक अनजान लड़की के साथ क्वारंटाइन में रहा. हमने खाया पीया और चुदाई की बस … मैंने उसे आगे पीछे से खूब ठोका.

दोस्तो, मेरा नाम सोनू है और मैं 26 साल का हूँ. मैं पहली बार अपनी सेक्स विद हॉट गर्ल कहानी बता रहा हूँ.

यह बात कुछ ही समय पुरानी है, जब लॉकडॉउन चल रहा था.

मैं दिल्ली से पुणे, फ्लाइट से आ रहा था.
पर उस वक्त मुझे यह नहीं पता था कि यहां आकर कोरोंटीन होना पड़ जाएगा क्योंकि मुझे एयरपोर्ट पर पहले ऐसे कुछ नहीं बताया गया था कि आपको कोरोंटाइन होना पड़ेगा.

उस वायुयान में बहुत से लोग 25-30 साल की उम्र के रहे होंगे क्योंकि सब जॉब के लिए ही घर से बाहर रहते थे.
लॉकडाउन के चलते सब अपने अपने घर जा रहे थे.

दिल्ली में मेरा बोर्डिंग होने के बाद मैं यान में जाकर अपनी सीट देखने लगा.
मुझे खिड़की के पास वाली सीट मिली थी, मैं जाकर अपनी सीट पर बैठ गया.

अभी बैठे हुए दस मिनट ही हुए थे कि एकदम से एक परम सुंदरी आ टपकी.
वो 25-26 साल की एक मादक लड़की थी, दिखने में बोलूँ तो एक कांटा माल लग रही थी.

उसने काले रंग की सिल्क की साड़ी पहनी हुई थी. मैचिंग का ब्लैक कलर का ब्लाउज, जो उसकी चूचियों से चिपका हुआ था.
उसकी ब्रा मुझे साफ़ साफ़ दिख रही थी.
अभी तक तो मैंने इतना ही देखा था.

कुछ पल बाद वो अपनी सीट पर बैठ गयी.

मैं अभी बाहर का नज़ारा देख ही रहा था कि अचानक से उसने मेरी जांघ को हाथ लगाया और बोली- जी मेरी एक हेल्प करेंगे?
मैंने उसका हाथ महसूस करते हुए उसकी तरफ देखा और कहा- हां, बोलिए ना, क्या बात है?

उसने मुझसे कहा- मैं पहली बार हवाई सफ़र कर रही हूँ, क्या मैं आपकी सीट पर बैठ सकती हूँ?
मैंने भी तुरंत उससे कहा- मैं भी पहली बार ही प्लेन से जा रहा हूँ, मैं आपको अपनी सीट नहीं दे सकता.

आप लोगों को तो पता ही है कि लड़कियां कितनी चालू होती हैं.
उसने मुझे मना ही लिया और वो मेरी सीट पर बैठ गयी.
मैं मन मार कर उसकी सीट पर जा बैठा.

क्या बताऊं दोस्तो, जरा सी ही देर में सीट क्या गर्म हो गयी थी … उसकी गांड बहुत गर्म रही होगी.
कुछ देर बाद फ्लाइट ने टेकऑफ़ किया.

अभी हम लोग हवा में थे.
हम दोनों ने बातें करना चालू कर दिया.

पहले तो जॉब के बारे में बातें हुईं. वो एक प्रायवेट कंपनी में एचआर एग्जीक्यूटिव थी.
मैंने भी उसे बताया कि मैं भी प्रायवेट कंपनी में सुपरवाइजर की जॉब करता हूँ.

बाकी फिर घर-बार और इधर उधर की बातें हुईं.
फ़िर उसने पूछा- दिल्ली में रहते हो तो दिल्ली वाली कोई पटाई कि नहीं?

मैंने भी जवाब दिया कि दिल्ली की लड़कियां बड़ी बदमाश होती हैं. मैं किसी को नहीं पटा पाया. मैं दिखता भी साधारण घुग्घू सा हूँ, तो दिल्ली वाली कैसे कोई पटेगी.
मेरी बात सुनकर वो हंसने लगी.

मैंने भी पूछा- तुम्हारा कोई ब्वॉयफ्रेंड है या नहीं?
उसने कहा- पहले था, अभी सिंगल हूँ.

मेरे भी मन में लड्डू फूटना चालू हो गए.

कुछ देर बातें करके वो सीट के आगे सर रख कर सो गयी.
मुझे उसके बोबले साफ़ साफ़ दिख रहे थे. मेरा लंड तो उसके मस्त भरे हुए बोबले देखकर तुरंत खड़ा हो गया.

ब्लैक साड़ी में ब्लैक ब्रा, उसका गोरा बदन एकदम चमक रहा था.
काली ब्रा में गोरे गोरे टाईट बोबले देख कर लंड बहुत ज्यादा गर्म हो गया था.

कुछ देर बाद उसने नींद में ही मेरे कंधे पर सिर रख दिया. उसे नींद में कुछ होश नहीं था.
मैं भी कुछ नहीं बोला.

आधा घंटा बाद फ्लाइट में लैंडिंग की घोषणा हुई और वो एकदम से जाग गयी.
उसने खुद को देखा तो वो मेरे कंधे के ऊपर सर रखी हुई थी.
वो शर्मा गई और मुझसे सॉरी बोलने लगी.

मैंने भी कहा- कोई बात नहीं है जी … आपको बहुत नींद आ रही थी इसलिए मैंने भी कुछ नहीं बोला.
वो बोली- हां सही बात है. मैं दो दिन से ठीक से सोई नहीं हूँ, धन्यवाद.

मैंने ओके कहा.

फ़िर वो बोली- फ्लाइट तो हो गयी, पर अभी तक हमें एक दूसरे के नाम भी पता नहीं हैं.
मैं भी हंस पड़ा और बोला- मेरा नाम सोनू है.
उसने भी अपना नाम पायल बताया.

हम दोनों बातें करते करते फ्लाइट से उतर कर बाहर की तरफ़ जाने लगे.

मुख्य निकासी द्वार पर पहुंचे, तो कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिला.
हमें सात दिन के लिए जबरन कोरोंटाइन होने को बोला गया क्योंकि हम लोग बाहरी प्रदेश से आए थे.

ये जानकर तो हम लोग बहुत घबरा गए क्योंकि हम दोनों को य़ह सब पहली बार देखने को मिल रहा था.
वहां की कोई जानकारी दोनों को थी ही नहीं … और प्रॉब्लम यह थी कि मेरे पास सात दिन तक होटल में रहने लायक पैसे भी नहीं थे.

मैंने पायल को बोला- मैं किसी सरकारी केंद्र में चला जाता हूँ. मेरे पास होटल में रहने लायक पैसे भी नहीं हैं.
वो बोली- पागल हो क्या … तुम पैसे का टेंशन मत लो. तुम्हारे सिवा मेरा भी यहां कोई पहचान वाला नहीं है. मैं और तुम सात दिन तक एक ही होटल में रुक जाएंगे.

मैंने भी हां भर दी और हमने एक अच्छा सा होटल सिलेक्ट किया.
सरकारी कर्मचारी हमें उस कोरोंटाइन स्पेशल होटल में लेकर चले गए.

हम दोनों ने अपने कमरे पास पास में ही बुक किए थे.
होटल के अन्दर परमीशन ले कर एक दूसरे के रूम में आ जा सकते थे.

मैंने ध्यान दिया कि उधर सीसीटीवी कैमरा आदि भी नहीं लगे थे.
शाम को हमने बटर चिकन और रोटी मंगवाई.

हम लोग खाना खाते हुए बातें करते रहे.

हम अभी तक फ्रेश भी नहीं हुए थे.

खाना खाकर मैं अपने रूम की तरफ़ निकल ही रहा था, तभी पायल बोली- बैठ ना … जल्दी क्या है जाने की … अब सात दिन तो यहीं निकालने हैं. मैं फ्रेश होकर आती हूँ. तुम यहीं बैठो.

मैं तो रेडी ही था, मुझे भी लगा कि लड़की कुछ तो सोच रही है.

मैं मजे से उसके रूम में ही बैठा रहा.

उसने अपना बैग मेरे सामने ही खोल दिया.
बैग के अन्दर के सामान को देखकर मेरी आंखें ही फ़ट पड़ीं.

उसके बैग में एक से एक सुंदर साड़ियां, रेशमी ब्रा, साटन और कॉटन की पांच छह नाइटी, कुछ फ्रॉक वाली नाइटीज आदि बहुत सा सामान था.
वो एक फ्रॉक नुमा नाइटी लेकर बाथरूम में चली गयी.

बाथरूम का आधा दरवाजा खुला छोड़ कर उसने अपनी पहनी हुई साड़ी, ब्रा, पेटीकोट उतारा और मेरे सामने ही बाहर फेंक दिया.
शायद वो अपने कपड़ों से ही मुझे उत्तेजित कर रही थी.

दोस्तो, मुझे भी महिलाओं के उतरे हुए कपड़े सूंघना बहुत पसंद हैं. उनमें से मुझे एक अलग ही खुशबू और गर्माहट मिलती है.
मैंने झट से पायल का पेटीकोट उठाया और उसकी खुशबू लेने लगा. उसकी चूत और गांड की तरफ का पसीना और परफ्यूम की मिली-जुली महक बहुत मस्त सुगंध मिल रही थी.

मैंने उस पेटीकोट को अपने लोअर के अन्दर डाला और अपने लंड को मसलने लगा.
मुझे मस्त मजा आ रहा था. ऐसे लगा कि अभी बाथरूम में घुस जाऊं और उसे चोद दूँ.

फ़िर पन्द्रह मिनट बाद बाथरूम से पायल की आवाज आई- सोनू, मैं अपना तौलिया बाहर ही भूल आई हूँ, प्लीज़ दे दो.

मैंने बाहर बहुत ढूंढा, पर मुझे नहीं मिला.
तो मैंने उससे कहा- मुझे नहीं मिल रहा है.

वो बोली- ओके कोई बात नहीं, तुम मुझे मेरा पेटीकोट ही दे दो, मैं उससे ही पौंछ लेती हूँ.
अब मैं थोड़ा घबरा गया क्योंकि पेटीकोट तो मेरे लंड को गर्मी दे रहा था.

वो फ़िर से एक बार बोली- जल्दी दे दो ना … मुझे बहुत ठंड लग रही है.
फ़िर मैंने अपने लोअर से उसका पेटीकोट निकाल कर देखा तो वो थोड़ा गीला हो चुका था.

मैंने डरते डरते वो पेटीकोट उसे दे दिया.

कुछ मिनट बाद वो बाथरूम से बाहर आयी.
उसने मस्त सिल्क की वो फ्रॉकनुमा नाइटी पहनी हुई थी.

वो बाहर आकर बस मुस्कुरायी, शायद उसे पता चल गया था कि मैंने उसके पेटीकोट का क्या किया है.

मैंने उससे कहा- चलो अब रात बहुत हो गई है, मैं अपने रूम में जाता हूँ.
वो तुरंत मुझसे बोली- इसे भी अपना ही रूम समझ लो.

मैं तुरंत समझ गया कि इसको क्या चाहिए.
और मैं सेक्स विद हॉट गर्ल के लिए वहीं रुक गया.

हम दोनों बेड के ऊपर बैठ गए.
उसने अपना हाथ मेरे पैंट के ऊपर रख दिया और बोली- तुमने तो मुझे बातों में ऐसा फंसा दिया है कि अब मैं तुम्हें छोड़ ही नहीं सकती, प्लीज जान मेरी प्यास बुझा दो.

उसकी यह बात सुनकर मैंने सीधे उसके चेहरे को पकड़ लिया और उसका मुँह अपनी तरफ लाकर उसे जोर से किस करने लगा.
वो भी लग गई.

पांच मिनट तक किस किया, उसका मुँह एकदम लाल हो गया.
फ़िर मैंने उसके बोबले चूसना चालू कर दिए.

उसका मैं बहुत समय से इंतज़ार कर रहा था.
मैंने चूसते चूसते उसके एक मम्मे को काट दिया.
वो जोर से चिल्लाई और मुझे गाली देने लगी- आंह मादरचोद … क्या खा ही जाएगा?

मैं हंसते हुए उसके बोबले का स्वाद लेकर चूसने लगा.

वो अपने हाथ से मेरे मुँह में अपने दूध देने लगी और आह आह करके मजा लेने लगी.
अब मैंने उसकी नाइटी निकाल दी.

क्या मस्त माल लग रही थी वो!
मैंने उसे थोड़ा उत्तेजित करने के लिए अपना लंड उसकी पैंटी के ऊपर से रगड़ना चालू कर दिया.

वो एकदम से गर्म हो गई और उसने मुझे झटके से पीछे धकेल दिया.
मैं बेड पर गिरा तो वो उठकर मेरे ऊपर चढ़ गई और उसने मेरे कपड़े उतारना चालू कर दिए.
कुछ ही पल में उसने मेरे सारे कपड़े निकाल कर मुझे नंगा कर दिया.

उसकी वासना से भरी आंखें मेरे लंड पर ऐसे गड़ गई थीं मानो वो मेरे लौड़े को कच्चा खा जाएगी.
लंड भी साला एकदम नब्बे डिग्री के कोण पर खड़ा था सेक्स विद हॉट गर्ल के लिए!

उसने मेरे लंड को झपट कर पकड़ा और अपने मुँह में लेकर उसे चूसना चालू कर दिया.
सच में वो किसी भूखी रंडी की तरह बर्ताव कर रही थी.

मैं भी उसे मना नहीं कर रहा था.
उसने जीभर के मेरे लंड का स्वाद लिया.

मैं भी पूरा गर्म हो चुका था, मैंने उससे कहा- अब सीधी लेट जाओ और टागें मेरे कंधों के ऊपर रख दो.
उसने तुरंत ऐसे ही किया.

मैंने उसकी पैंटी की किनारियों में उंगलियां फंसा दीं.
उसने टांगें उठा दीं.

मेरे सामने उसकी मस्त गुलाबी रंग की पैंटी थी. उसकी वो, पैंटी निकाल कर मैंने चूत चाटना चालू कर दिया.

वो तो मछली की तरह तड़पने लगी और थोड़ी देर में ही झड़ गयी.
मैंने उसकी चूत का सारा पानी पी लिया.

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड पायल की चूत की फांकों में घिसना चालू किया.
पायल की चूत बहुत टाईट थी.

मैंने उसकी तरफ़ देखा और झटके से अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया.
वो दर्द के मारे एकदम से तड़प उठी थी.

मैंने उसे चोदना चालू कर दिया.
उसके मुँह से आवाज आने लगी- आह मर गई … आंह आह!

मैं लगा रहा क्योंकि उसकी चूत चुदी हुई थी, शायद तभी उसकी चूत से खून नहीं निकला था और न ही कुछ ऐसा महसूस हुआ था.

तभी उसने खुद ही मेरी शंका कर समाधान कर दिया.
अब उसे मेरे लंड से चुदने में मजा आने लगा था और वो कहने लगी थी- आह जान … ब्वॉयफ्रेंड से ज्यादा मजा तुम दे रहे हो … आह चोदो राजा और तेज चोदो.

लगभग पन्द्रह मिनट बाद मेरा माल बाहर आने वाला था.
मैंने तुरंत अपना लंड पायल की चूत से निकाल कर उसके मुँह में दे दिया.

उसी समय लंड में विस्फोट हो गया और मेरा पूरा मसाला उसके मुँह में चला गया.

उसने मेरा पूरा वीर्य निगल लिया.
कुछ देर बाद हम दोनों 69 की पोजीशन में लेट गए.

मैंने उसकी चूत चाटना चालू कर दिया और उसने मेरा लंड चाटकर साफ़ कर दिया.
वो मेरे लंड को चूसती ही रही.

मेरा लंड फ़िर से सख्त हो गया.

अब पायल की गांड की बारी थी.
मैंने उसे कुतिया की पोजीशन में होने को बोला.

वो बन गई.
उसकी मखमली गांड मेरे लंड के सामने थी.

मैंने एक हाथ से उसके बालों को पकड़ा और लंड सीधा उसकी गांड में डाल दिया.

वो जोर जोर से चिल्लाने लगी.
मैंने लंड को अन्दर बाहर करना चालू कर दिया.

कुछ ही देर में हम दोनों को बहुत मजा आने लगा था.
दस मिनट बाद मेरा पॉवर खत्म होने लगा था. मैं उसकी गांड में झड़ गया और उससे चिपक कर लेट गया.

कुछ देर बाद हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर सो गए.
इस तरह से पूरे सात दिन के कोरोंटीन पीरियड में हम दोनों ने ऐसे ही चुदाई की मस्ती की और अपना ये समय निकाल दिया.

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