चचेरे भाई से सीलपैक चूत चुदवाने का मजा

Xxx बहन चुदाई कहानी में पढ़ें कि मैं जवान हुई तो मुझे सेक्स करने का मन होने लगा था. मेरे चचेरे भाई को मैंने कैसे गर्म किया मेरी चुदाई के लिए?

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फ्रेंड्स, मेरा नाम सोनम शाह है. मैं अहमदाबाद गुजरात में रहती हूं.

मेरी उम्र 21 साल है और मेरा फिगर 32-26-34 का है.

मैं काफी लंबी हूँ, मेरी हाइट 5 फुट 8 इंच है. मेरा रंग भी एकदम दूध सा गोरा है.
मुझे कोई भी लड़का अगर एक बार भी देख ले, तो रात को वो अपना लंड हिलाए और मुठ मारे बिना नहीं सोता है.

मैं, मेरे मम्मी पापा की इकलौती बिटिया हूं.
मेरे सात चचेरे भाई हैं.
दो भाई सूरत में हैं. दो भाई राजकोट में, एक बड़ोदरा में, एक आनंद में और एक गोधरा में है.

यह मेरी पहली Xxx बहन चुदाई कहानी है.

बात उन दिनों की है, जब मैं 19 साल की हुई थी.

उस दिन मेरे मम्मी पापा को एक अर्जेंट काम से 4 दिन के लिए बाहर जाना पड़ा था.
मैं अहमदाबाद में रहती हूं तो बड़ोदरा वाले कजिन को मेरे मम्मी पापा ने मेरे घर पर 4 दिन के रहने के लिए बुला लिया था.

पापा ने उससे कहा कि बहन का ख्याल रखना.

मैं आप सबको बता दूँ कि मैं अंतर्वासना की मस्त रसीली कहानियां पिछले एक साल से पढ़ रही हूँ और सेक्स कहानी पढ़ कर मेरा सेक्स करने का मन हो रहा था.

इस सेक्स साइट पर मैंने भाई बहन की बहुत सी सेक्स कहानी पढ़ी थी और भाई बहन सेक्स वाली कहानी ही मुझे सबसे ज्यादा पसंद आती हैं.

इसी वजह से मैंने सेक्स करने के लिए बाहर की बजाये अपने भाई से सेक्स करना उचित समझा.

मैंने सोचा कि यह आज मौका मिला है तो क्यों ना अपने भाई को अपने जाल में फंसा लूँ और उसके साथ सेक्स का मजा ले लूँ.

मेरा भाई यदि राजी न हुआ और वो मेरे मम्मी पापा को सब बोल ना दे … इसलिए मैंने संभल संभल कर ही उसके साथ आगे बढ़ने का सोचा.

उस दिन मेरे मम्मी पापा सुबह ही बाहर चले गए थे.
मेरा चचेरा भाई कुछ देर बाद आने वाला था.

मैंने सोचा कि उसे उत्तेजित करने के लिए कुछ ऐसी ड्रेस पहननी चाहिए जिससे मेरा भाई मेरे साथ चुदाई के लिए खुद से राजी हो जाए.

तो मैंने एकदम छोटा सा स्कर्ट पहन लिया और ऊपर बिल्कुल ही टाईट टी-शर्ट पहन ली.
मैंने अपने बाल भी खुले रखे.

जैसे ही घर की घंटी बजी, तो मैं समझ गई कि मेरा भाई आ चुका है.
मैं वैसे ही तुरंत दरवाजा खोलने गई.

मैंने जैसे ही दरवाजा खोला, वो सामने खड़ा था.

उसको मैंने अन्दर बुलाया.
वह अपना सामान लेकर अन्दर आया और मुझे देख कर देखता ही रह गया.
मैंने भी तिरछी नजर से उसे देखा.

वो मुझे ऊपर से नीचे तक देखने लगा.
फिर मैंने उससे कहा- ओ भाई, ऐसे क्या देख रहे हो?

वो झेंप गया और बुदबुदाते हुए चुप हो गया.
उसकी बुदबुदाहट में सो हॉट शब्द मुझे सुनाई दे गया था.

वह शाम को 5:00 बजे के आसपास आया था तो उस पर सारे दिन की थकान थी.

आते ही वह बाथरूम में जाने की कहने लगा.
फिर बाथरूम में जाकर थोड़ा फ्रेश हो आया.

उसके बाद मैंने उससे कहा- चलो, आज बाहर डिनर करते हैं. बाद में हम दोनों कुछ और जगह घूमने जाएंगे.
उसने हामी भर दी.

शाम 7:00 बजे हमें डिनर पर जाना था.
मैं आज कुछ ज्यादा सी सज सँवर कर तैयार हो गई.

मैंने वापस से एक टाइट टी-शर्ट और टाइट जींस पहनी हुई थी. मैंने जानबूझ कर अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी.

मेरे भाई और मैं तैयार होकर निकले और हम दोनों एक्टिवा पर बैठ कर बाहर डिनर करने गए.

मैं जानबूझ कर भाई को घर से दूर वाले होटल से ले गई क्योंकि मुझे उधर जान पहचान वाले लोग कम मिल सकते थे.
भाई के साथ एक्टिवा पर बैठने में उझे मजा आ रहा था और अपनी दोनों टांगें दोनों बाजू डालकर भाई से चिपक कर बैठी थी.
इस तरह से बैठ कर मैं अपनी चूचियां भाई की पीठ से रगड़ रही थी.

भाई भी कब तक चुप रहता, वो भी मेरी चूचियों से रगड़ने का मजा ले रहा था.
करीब आधे घंटे बाद होटल आया.

उस आधे घंटे में मैंने जानबूझ कर उसे अपने बूब्स बहुत बार टच कराए और दो तीन बार उसके प्राइवेट पार्ट को भी टच करती रही.
उसको मजा आ रहा था, इस बात का सबूत उसका कड़क होता लौड़ा बता रहा था.

भाई और उसका लंड दोनों पूरे रंग में आ चुके थे.

डिनर करने के बाद हम घर पर आ चुके थे.

मैं बोली- भाई, तुम पहली बार घर पर आए हो, आ जाओ रात को आपकी पसंद की मूवी देखेंगे. आप जो भी बोलोगे वह हम दोनों एक साथ देखेंगे.
यह कह कर मैं कमरे में आ गई और मैंने अपनी नाइट ड्रेस पहन ली.

फिर जैसे ही मैं भाई के सामने आकर बोली- भाई आप भी चेंज कर लो!
तो वो मुझे देखता ही रह गया क्योंकि मेरी नाइट ड्रेस एकदम पारदर्शी थी.
उसमें से मेरी ब्लैक कलर की ब्रा और पैंटी साफ साफ दिख रही थी.

अब भाई भी हाफ पैंट और टी-शर्ट में आ गया.
हम दोनों मेरे बेडरूम में जाकर बेड पर लेट कर लैपटॉप पर मूवी देखने लगे.

मैंने कहा- भाई आप बताओ, मैं आपकी पसंद की मूवी लगा देती हूँ.
वह बोला- तुम मेरी पसंद की मूवी नहीं देख पाओगी.

मैंने भाई से कहा- ओके तो आप अकेले ही देख लो. मैं सो जाती हूँ.

मैं भाई के साथ सोने का नाटक करने लगी.
थोड़ी देर बाद भाई ने लैपटॉप बंद कर दिया और वह भी मेरे साथ सो गया.

मैंने जानबूझ कर दो तीन बार उसके हाथ से खुद को टच करवाया और एक बार उसके लंड को भी नींद में होने का बहाना करते हुए टच किया.

मैं नींद में नहीं थी … सिर्फ नाटक कर रही थी.
भाई को भी शक हो गया था कि यहां कुछ गड़बड़ है.

उसने मेरी तरफ मुँह कर लिया और मैंने जैसे ही उसको टच किया, उसने मुझे पकड़ लिया.

मैं बिना कुछ कहे भाई के होंठ से होंठ मिला कर किस करने लगी.
वह भी मेरे साथ चूमाचाटी में लग गया.

लगभग 7-8 मिनट तक हमारा किस चलता रहा था.

अब भाई और मैं सब समझ गए थे कि सेक्स का मजा लेने का मूड दोनों का है.

मैं उसके ऊपर हावी हो गई थी और उसका लंड अपनी चूत पर पैंटी के ऊपर से ही गड़ता सा महसूस कर रही थी.

भाई को भी मेरी गीली पैंटी से पता चल गया था कि आज मेरा काम हो जाने वाला है.

भाई ने भी अब मुझे नीचे से ऊपर तक किस करना शुरू कर दिया और ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने लगा.

मैंने उसी वक्त उसकी टी-शर्ट और शॉर्ट्स को उतार दिया और उसको नंगा कर दिया.
यह पहली बार था कि मैं किसी भी लड़के का लंड पहली बार देख रही थी.

उसके बाद मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए और हम दोनों ने एक दूसरे को बांहों में भर कर किस किया.

वो बोला- तू तो बड़ी हॉट माल है!
मैंने कहा- हॉट माल हूँ तो खा जा न!

यह सुनते ही मेरे भाई ने मेरे बूब्स को बेरहमी से दबाना और मसलना चालू कर दिया.
वह मेरे एक दूध को चूसता और दूसरे दूध को किसी गेंद की तरह मसलता.
मुझे उसके दूध चूसने से मजा आ रहा था और मसलने से दर्द हो रहा था.

उसने इतनी बेदर्दी से मेरे बोबे मसले थे कि दूध मसलने का दर्द मुझे 3 दिन बाद तक रहा था.

मैंने अपने हाथ से उसका हाथ अपने दूध से हटाना चाहा ताकि मुझे दर्द से निजात मिल सके.

उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने लौड़े पर रखवा दिया और उसका लंबा मोटा लंड हाथ में पकड़ते ही मुझे अपने चूचों में होने वाला दर्द काफूर हो गया.

उसका लंड काफी बड़ा था.
एक बार को तो मेरी गांड फट गई कि इतना बड़ा लौड़ा मेरी चूत में कैसे घुसेगा.

उसी दौरान उसने मेरे हाथ पर अपना हाथ रखा और वो मेरे हाथ से अपने लौड़े को सहलवाने लगा.
वो दोनों हाथों से मेरे हाथ को अपने लंड पर लगा कर उसे मसलवा रहा था.

कुछ देर बाद मुझे भी उसके लंड को पकड़ने में मजा आने लगा.
अब उसने मुझे बेड पर बिठाया और मुझसे लंड मुँह में लेने को कहा.

मैंने मना कर दिया कि मैं मुँह में नहीं ले सकती.
वह मान गया और कहने लगा- तो बताओ काहे में ले सकती हो?

मैंने कहा- मुझे तेरे साथ सेक्स करना है. ये मेरा पहली बार है और अगर दर्द हुआ, तो मैं वो भी नहीं करने दूंगी.
वो मेरी आंखों में देखता रहा, फिर बोला- चलो देखते हैं.

उसने मेरी चूत पर अपने लंड को रखा और एक ही झटके में घुसा दिया.
जैसे ही उसका लंड मेरी चूत में घुसा, मैं बेहोश हो गई.

वह भी रुक गया और शायद वो डर भी गया था कि ये क्या हो गया.
कुछ मिनट बाद मुझे होश आया तो मैंने देखा कि बेड की चादर खून से रंग चुकी थी.

मैंने भाई को खरी खोटी सुना दी और बोली- ये क्या किया, मैंने बोला था ना कि अगर दर्द हो तो रुक जाना … लेकिन तुमने तो मुझे बेहोश ही कर दिया.
जब मैं ये सब कह रही थी, उस वक्त भी मैंने देखा कि मेरा भाई अपने लंड को मेरी चूत में पेले पड़ा था.

उसने अपने लौड़े को मेरी चूत से बाहर ही नहीं निकाला था. वो मेरे ऊपर ही चढ़ा हुआ था.
वो कहने लगा- अब जो होना था, वो तो हो गया. मगर अब तुम्हें कुछ नहीं होगा. पहली बार में सबको दर्द होता है. इसके बाद तुम्हें सिर्फ मजा आएगा.

ये कह कर वह मुझे झटके देने लगा. मुझे दर्द हो रहा था.
मैं और दर्द सहन ही नहीं कर पा रही थी.

मैंने उसे गाली देते हुए रोकने की कोशिश की- आह रुक जा कमीने … आह मुझे दर्द हो रहा है.
लेकिन वह नहीं माना और मुझे धीरे-धीरे झटके देता रहा.

कुछ ही देर बाद उसका कहना सच साबित होने लगा.
अब मुझे भी थोड़ा थोड़ा मजा आने लगा था.

उसने मुझे मजा लेते हुए देखा और कहा- बस मेरी बहना, तू 5 मिनट लगातार झटके ले ले … उसके बाद तू खुद मेरे लंड पर अपनी चूत न टिकाने लगे, तो कहना.
मैं कुछ नहीं बोली, बस चुपचाप अपने भाई से चूत चुदवाती रही.

कुछ देर बाद वह कहने लगा कि मेरा छूटने वाला है!
मैंने उससे कहा- मेरे अन्दर मत छोड़ना … कहीं कुछ हो गया और मम्मी पापा को पता चल गया तो मेरी और तेरी दोनों की हालत खराब हो जाएगी.

वह नहीं माना और उसने मुझसे एक शर्त रखी कि मैं एक ही शर्त पर अपना बेलन बाहर निकाल लूंगा, अगर तू मुझे प्रॉमिस करती है कि मैं जहां भी, जब भी बोलूँ … तुम मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने की बात मानो.
मुझे उसकी बात माननी ही पड़ी और उसने कहा- ये मत समझना कि तुमने बचने के लिए बात कह दी. तुम्हें आज ही लंड चूसने की शुरूआत करनी होगी. आज ही तुझे मेरा लंड मुँह में लेना होगा.

उसकी बात मानने के अलावा मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था.

Xxx बहन चुदाई में उसका वीर्य निकलने को हुआ, उसने झट से अपना लंड चूत से निकाल कर मेरे मुँह में दे दिया.
मैं लंड चूसने लगी.

फिर जैसे ही उसका माल निकलने को हुआ, उसने अपना लंड सीधा मेरे हलक तक घुसा दिया और मुझे ना चाहते हुए भी उसका वीर्य पीना पड़ा.

जैसे ही मैंने उसका वीर्य पिया, मुझे उल्टी हो गई.
मैंने वहीं बेड पर ही उल्टी कर दी.

फिर वहां से उठकर हम दोनों बाथरूम में आ गए. जहां उसने मुझे फिर से पकड़ा और कहा कि चल अब लंड चूस कर साफ कर!

मैंने उसको ना बोला, लेकिन वो नहीं माना.
मुझे उसका लंड चूस कर साफ करना पड़ा.

उसके बाद हम दोनों मेरे रूम में जो सोफा पड़ा था, वहीं पर उसी नग्न हालत में सो गए.

दूसरे दिन मैं सुबह 11:00 बजे उठी, तो मेरी हालत चलने लायक भी नहीं थी.
मैं सोफे से उठ भी नहीं पा रही थी. लेकिन उस दिन मुझे चूत चुदवाने में बहुत मजा आया था.

मैंने दवा खा ली थी, तब भी मुझे उस दिन का दर्द तीन-चार दिन तक रहा था.
बाद में क्या हुआ, वो मैं आपको अपनी अगली सेक्स कहानी में बताऊंगी कि मेरे दूसरे कजिन को यह बात कैसे पता चली और उसने मेरा फायदा कैसे उठाया.

यह Xxx बहन चुदाई कहानी आपको कैसी लगी?
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