अपनी प्यारी मौसी को चोदा

हैलो फ्रेंड्स, मैं रोहित पटना से हूँ, मैं अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक हूँ. मैंने यहां प्रकाशित बहुत सारी कहानियां पढ़ी हैं. सेक्स स्टोरी पढ़ने के बाद मुझे लगा कि मुझे अपनी भी एक कहानी लिखना चाहिए. ये मेरी लाइफ की रियल सेक्स स्टोरी है कि कैसे मैंने अपनी मौसी को उनके घर में ही चोदा.

यह बात उन दिनों की है, जब मैं इंजिनियरिंग के फाइनल इयर में था और सेमेस्टर लीव के लिए चेन्नई से वापस अपने घर आ रहा था.

उसी वक्त मौसी ने मुझे फोन कर के अपने घर ही बुला लिया. वो भुवनेश्वर में रहती हैं. मेरी मौसी देखने में एकदम गोरी और मस्त हैं. मैं उनकी फिगर के बारे में नहीं बता सकता. उन्होंने मुझे अपने घर बुला लिया था, इस बार मेरी छुट्टी लंबी ना होने के कारण मैंने भी सोचा और मम्मी से बात की. मम्मी ने भी मुझे बोला कि ठीक है तू वहीं रुक जा.

मैं उनके घर पहुंच गया. मौसी मुझे देख के बहुत खुश हुईं और मुझे आया देख मेरे कज़िन भी बहुत खुश था. मौसी का एक बेटा है, जो उम्र में मुझसे दो साल छोटा है. मैंने उनके घर पहुंचते ही थोड़ा आराम किया और फ्रेश होने चला गया. फ्रेश होने के बाद मैं और मेरा कज़िन बैठ कर बातें करने लगे. मौसी नाश्ता बनाने के लिए रसोई में चली गईं.

कुछ देर बाद मौसी नाश्ता ले कर आईं और मेरे बाजू में बैठ कर बातें करने लगीं कि मेरी पढ़ाई कैसी चल रही है.

आज बातचीत के दौरान मेरी मौसी मुझसे कभी कभी मज़ाक भी कर रही थीं कि कोई लड़की दोस्त बनाई या नहीं.
मैंने भी उन्हें बोल दिया कि आपके जैसे सेक्सी कोई मिले, तब तो कुछ सोचूं.
इतनी मस्ती की बातों के बावजूद भी मेरे मन में उनके लिए कोई ग़लत ख्याल नहीं थे.

ऐसे ही बात करते करते शाम हो गई और मेरा कज़िन बोला- भैया, चलो कहीं घूम कर आते हैं.
मैं भी तैयार होकर उसके साथ बाइक पर घूमने चला गया. रात को 8 बजे घूम कर आया तो देखा कि मौसी रसोई में खाना बना रही थीं. मेरा भाई पढ़ाई करने दूसरे कमरे में चला गया. मैं बोर हो रहा था, तो टीवी ऑन करके देखने लगा. टीवी देखते हुए मैं मौसी से बात भी कर रहा था. मेरे मौसा जी का बिजनेस है … तो वो ज्यादातर घर से बाहर ही रहते हैं.

रात को सब खाना खाकर सोने चले गए.

उनके घर 2-3 दिन ऐसे ही बीत गए. फिर एक दिन जब मैं बाथरूम में गया तो मैंने देखा कि मौसी की ब्रा और पेंटी वहीं पड़ी थी. ब्रा पेंटी को देखते ही मेरे मन में शैतान जाग गया और मैं उनकी पेंटी को उठाकर सूंघने लगा. मेरे मन में वासना का भंवर उठा और मैंने उनकी ब्रा में मुठ मार दी.

फिर मैं नहा कर बाथरूम से निकला तो मौसी मेरे लिए नाश्ता लेके आईं. मैं नाश्ता करने बैठ गया. मौसी ने मुझसे बोला कि तुम नाश्ता करो … मुझे कुछ कपड़े धोने हैं. ये कहते हुए वो बाथरूम में चली गईं.
कुछ देर बाद वो कपड़े धोकर बाहर आईं तो मुझे देख कर मुस्कुरा रही थीं. मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैं नाश्ता करके टीवी देखने लगा.

अगले दिन फिर मुझे उनकी पेंटी बाथरूम में दिखी, तो मैंने फिर से उसमें मुठ मार दी और कल के जैसे फिर मौसी कपड़े धोने चली गईं. जब वो कपड़े धो कर आईं तो फिर से मुझे देख के स्माइल कर रही थीं. आज भी मैं नाश्ता करके टीवी देख रहा था.

आज मौसी मेरे साइड में आकर सोफा पे बैठ गईं और मुझसे इधर उधर की बातें करने लगीं. उन्होंने मुझसे पूछा कि जब वो कपड़े धो रही थीं, तो उनके कपड़ों पर कुछ चिपचिपा सा गिरा हुआ था.
मुझे एकदम से झटका लगा और मैं एकदम डर गया. फिर भी मैंने हिम्मत करके बोला कि मुझे नहीं पता.
उन्होंने बोला- लेकिन मुझे पता है, वो क्या था?
मैंने बनते हुए पूछा- क्या था?
तो उन्होंने बोला- रहने दे … ये सब बात!
वो हंस कर नाश्ता करने चली गईं.

उस टाइम सुबह के 11 बज रहे थे. वो नाश्ता करके मेरे पास आईं और टीवी देखने लगीं. उस टाइम टीवी पे मर्डर मूवी चल रही थी. थोड़ी देर बाद उसमें हॉट सीन स्टार्ट हो गए. मैं चैनल चेंज करने लगा तो मौसी ने मना कर दिया. उसके गरम सीन देख कर मेरा लंड अपनी औकात पर आने लगा. मौसी ने मेरे उठते लंड को देख लिया.
मैं अपने लंड को अपने हाथ से छिपाने लगा तो मौसी ने कहा- क्या हुआ??
मैंने बोला- कुछ नहीं मौसी.

इस पर मौसी ने मेरा हाथ मेरे लंड से हटा दिया तो मेरा लंड मेरे पजामे के अन्दर एकदम से खड़ा हो गया.
दोस्तो, मैं आपको बता दूँ कि मैं घर में अंडरवियर नहीं पहनता हूँ.

मेरा खड़ा लंड देख कर मौसी ने बोला- ये क्या है?
यह कहते हुए उन्होंने मेरे लंड को मेरे पजामे के ऊपर से ही पकड़ लिया और उसे धीरे धीरे हिलाने लगीं. मैं अवाक था. मौसी ने नशीली आवाज में कहा- तेरा ये तो बहुत बड़ा हो गया है.
मैं अभी कुछ कहता या करता कि तभी इतना बोल कर उन्होंने अपना हाथ मेरे पजामे के अन्दर डाल दिया और मेरे लंड को धीरे धीरे सहलाने लगीं.

अब मुझसे भी रहा नहीं गया और मैंने मौसी की चूचियों को पकड़ लिया और उन्हें दबाने लगा. थोड़ी देर मौसी के मम्मे दबाने के बाद मैं उनके पज़ामे के अन्दर हाथ डालने लगा, तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया. मौसी बोली- अभी नहीं हीरो … रात में आना और जो मर्जी हो कर लेना.

मैंने तब भी मजा जारी रखने के लिए उनके बूब्स दबाने का प्रोग्राम चालू रखा. इसके लिए मैंने उनके कमीज के अन्दर हाथ डाल दिया और मौसी की ब्रा के ऊपर से ही उनके मम्मों को दबाने लगा. वो मेरे लंड को हिलाने लगीं. फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों अलग हो गए. वो मुझे आँख मारते हुए खाना बनाने रसोई में चली गईं.

मैंने बाथरूम में जाकर मुठ मारी … तो मौसी ने आवाज देकर पूछा- क्या हुआ हीरो?
मैंने बोला कि आप जो काम अधूरा छोड़ गयी थीं … वो पूरा कर रहा था.
मौसी हंसने लगीं.

मैं भी रूम में आकर टीवी देखने लगा. लेकिन अब मेरा ध्यान तो सिर्फ मौसी के ऊपर ही था कि कब रात हो और मैं मौसी की चुदाई करूँ.
जैसे तैसे रात हुई और मैं पहले से खाना खा के जाकर मौसी के कमरे में सोने चला गया.

थोड़ी देर बाद मेरा भाई आया और उसने मुझे आवाज़ दी- भैया चलो अपने रूम में सोने!
उसने मुझे 2-3 बार आवाज़ लगाई लेकिन में नहीं उठा.
तो मौसी ने उससे बोला कि शायद वो सो गया है … तू रहने दे, मत जगा उसे … आज इसे मेरे रूम में ही सोने दे.

ये सुनकर मेरा भाई अपने कमरे में सोने चला गया. कुछ देर बाद मौसी अपना काम खत्म करके आईं और रूम अन्दर से बंद करके बेड पे लेट गईं. उनके बेड पे आते ही मैंने उन्हें दबोच लिया और उनके मम्मों को मसलने लगा. उनके होंठ चूमने लगा.

मौसी भी मेरा साथ देने लगीं और अपने हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगीं. फिर मैंने उनके कुरते को जल्दी से उतार दिया और उनके मम्मों को ब्रा के ऊपर से मसलने लगा. उन्होंने भी अपने हाथ को मेरी पैन्ट के अन्दर डाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगीं.

फिर मैंने उनका पज़ामा भी खोल दिया और अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पेंटी में थीं.

उन्होंने भी मेरी बनियान को उतारा और आगे ही पल मेरे पजामे को भी उतार दिया. मेरे लंड को मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं. कसम से दोस्तो क्या फीलिंग्स थीं उस टाइम … मजा आने लगा था.
थोड़ी देर लंड चूसने के बाद मैंने उन्हें बेड पे सीधा लेटाया और उनकी पेंटी को उतार कर उनकी फुद्दी को चूसने लगा. मैंने अपनी जीभ उनकी फुद्दी में डाल दी और फुद्दी को टंगफक करते हुए चोदने लगा. थोड़ी देर बाद मौसी की फुद्दी ने अपना पानी छोड़ दिया. मुझे उसका टेस्ट अच्छा नहीं लगा तो मैंने सब थूक दिया और अपने मुँह को कपड़े से पौंछ लिया.

अब मैंने उनकी ब्रा भी उतार दी और उनके मम्मों पर एक भूखे शेर की तरह टूट पड़ा. मैंने उनके मम्मों को चूस चूस कर लाल कर दिया. अब मेरा लंड मेरे कंट्रोल से बाहर हो रहा था तो मैंने मौसी की फुद्दी पर अपना लंड सैट किया और धीरे से अन्दर डाला. पहले तो थोड़ी परेशानी हुई क्योंकि उनकी चूत एकदम टाइट थी. मौसा जी अपने बिजनेस के चलते उनको ज्यादा नहीं चोद पाते थे.

कसी हुई चूत में लंड पेलने में दिक्कत हो रही थी, तो मैंने अपने लंड पे तेल लगाया और उनकी चूत में डाल दिया. मौसी की सिसकारी निकल गई. उनको हल्का दर्द भी हो रहा था, लेकिन वो दांत दबा कर दर्द को सहते हुए मेरे लंड को खा गईं.

अब मैं धीरे धीरे में उनकी चुदाई करने लगा. मौसी भी गांड उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थीं. फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना पानी उनकी फुद्दी में ही छोड़ दिया. माल निकलते ही मैं उनके ऊपर लेट गया. थोड़ी देर बाद फिर मैंने उनके मम्मों को फिर से मसलना चालू किया और मौसी को फिर से गर्म कर दिया.

उन्होंने भी मेरा लंड चूस कर कड़ा कर दिया और फिर से चुदाई शुरू हो गयी. मैंने उस रात अपनी सेक्सी मौसी को 4 बार चोदा और जब तक मैं वहां रहा … कभी दिन में कभी रात में उनकी धकापेल चुदाई की. फिर 20 दिन के बाद में वापस कॉलेज चला गया.

तो यह थी मेरी पहली सच्ची चुदाई की घटना.

मेरी मौसी की चुदाई कहानी आपको कैसी लगी मुझे ईमेल करके बताएं.
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